खरसावां: मनसा पूजा के अवसर पर खरसावां के महतो रीडिंग गांव में ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. ओड़िशा के जलेश्वर के प्रसिद्ध ओड़िया गणनाट्य ‘यात्रा पंचसखा’ के कलाकारों ने ओड़िया नाटक ‘सातो जन्मो कु कोरीछी साथी’ का मंचन किया. नाटक देखने के लिए आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे. देर रात तक चले कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला.
रिश्तों में बढ़ती दूरी और भावनात्मक टूटन को दिखाया
नाटक के माध्यम से आधुनिक समाज में रिश्तों में बढ़ती दूरी और भावनात्मक टूटन को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया. कलाकारों ने दिखाया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में पारिवारिक रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं पर किस तरह असर पड़ रहा है. प्रस्तुति के जरिए पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने और मानवीय मूल्यों को कायम रखने का संदेश दिया गया. साथ ही, संस्कृति और विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया.
अभिनय, संवाद, गीत और नृत्य ने बांधे रखा दर्शकों को
मंचन के दौरान कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय और संवाद के साथ गीत-संगीत व नृत्य की प्रस्तुति से कहानी को जीवंत कर दिया. पारंपरिक ओड़िया गणनाट्य को देखने के लिए जुटे दर्शक देर रात तक कार्यक्रम से जुड़े रहे. कई भावनात्मक और रोचक प्रसंगों पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया. नाट्य प्रस्तुति के दौरान गांव का माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा.
धार्मिक आयोजन में लोकसंस्कृति और मनोरंजन का रंग
मनसा पूजा के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने धार्मिक आयोजन में लोकसंस्कृति और मनोरंजन का रंग भी भर दिया. ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजन गांवों में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं और नयी पीढ़ी को पारंपरिक कला व संस्कृति से जोड़ने में मदद करते हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में पूजा कमेटी के अध्यक्ष हेमंत कुमार महतो, कोषाध्यक्ष मालू राम महतो तथा कार्यकारिणी सदस्य दिनेश कुमार महतो, मुकुंद महतो, मनोज महतो, श्याम चंद महतो, संतोष महतो, टांकेश्वर महतो, काशीनाथ महतो, बैदु महतो और हेमेंद्र महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
