Seraikela Kharsawan News : बारिश से सरायकेला-कांड्रा सड़क हुई जर्जर, एक किमी में 100 से अधिक गड्ढे

कांकड़ा मोड़, सीनी मोड़ दुगनी और कोलाबीरा में स्थिति काफी खराब

सरायकेला. सरायकेला से कांड्रा जाने वाली सड़क में गड्ढों की भरमार है. एक किमी सड़क में 100 से अधिक गड्ढे बन गये हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बारिश के कारण सड़क की क्या दुर्दशा हो गयी है. सबसे खराब स्थिति कांकड़ा मोड, वन विभाग के समीप, सीनी मोड़ दुगनी और कोलाबिरा में सड़क अधिक जर्जर हुई है. इस कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है.

सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी जेआरडीसीएल की:

सरायकेला-कांड्रा सड़क टोल रोड है. यहां कांड्रा मोड़ में टोल टैक्स की वसूली होती है. सड़क का निर्माण 2013 में किया गया था. इसकी मरम्मत का जिम्मा जेआरडीसीएल को दिया गया है. कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से सड़क जर्जर हो गयी है. सडक की पिच उखड़ गयी है. गड्ढे ही गड्ढे बन गये हैं. सरायकेला से कांड्रा की दूरी लगभग 25 किमी है. इतनी दूरी में सड़क पर सैकड़ों गड्ढे बन गये हैं. सड़क पर गड्ढे बनने से दो पहिया के साथ छोटे चारपहिया वाहनों को आवागमन में परेशानी हो रही है.

राजनगर के रामपुर गांव में सड़क नहीं, विकास अधूरा

राजनगर के बड़ासिजुलता पंचायत के रामपुर गांव में मंगलवार को पक्की सड़क की मांग पर पांच गांवों के ग्राम प्रधानों और दर्जनों ग्रामीण एकजुट हुए. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रामपुर गांव में पक्की सड़क नहीं है. इससे आमजन को आवागमन में काफी परेशानी होती है. ग्रामीणों ने बताया कि रामपुर से फुफडीह-हेंसल मुख्य पथ को जोड़नेवाला यह मार्ग पूरी तरह जर्जर और कीचड़मय हो चुका है. बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं. इस रास्ते से बाइक तो दूर की बात पैदल चलना भी मुश्किल है. ग्रामीणों का कहना है कि इसी मार्ग से रोज़ाना स्कूली बच्चे आते-जाते हैं. कई बार वे फिसल कर गिर जाते हैं. कई बार बीमार लोगों के लिए एम्बुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे हालात गंभीर हो जाते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इस सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.

कई सालों से सड़क की मांग कर रहे हैं. हर बार हमें सिर्फ आश्वासन मिला है. अबतक गांव में पक्की सड़क नहीं बन पायी.

– पृथ्वी राज सोरेन

, ग्राम प्रधान, फुफडीह

सड़क नहीं होने से बरसा में मार्ग कीचड़मय हो जाता जहै. तबीयत खराब होने पर एम्बुलेंस गांव तक पहीं पहुंच पाती है.

– गोबिंद टुडू

, ग्राम प्रधान, 
रामपुर

बच्चे रोज इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं. बरसात में गिरना आमबात हो गयी है. कई बच्चे गिरने के कारण चोटिल हो चुके हैं.

– धानो हांसदा

, प्रबंधन समिति अध्यक्ष, एनपीएस रामपुर

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Author: ATUL PATHAK

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