सरायकेला : छोटी-छोटी बातों को लेकर बढ़ते विवाद कई बार अदालत की चौखट तक पहुंच जाते हैं. ऐसे मामलों में बातचीत और आपसी सहमति के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान संभव है. इसी संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को सिविल कोर्ट सरायकेला से दो जागरूकता वाहनों को रवाना किया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह ने दोनों वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देश पर ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ के तहत चलाया जा रहा है. जागरूकता वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को मध्यस्थता की प्रक्रिया और इसके जरिए विवादों के समाधान की जानकारी देंगे.
संवाद और सहमति से समाधान का संदेश
अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि कई प्रकार के विवादों का समाधान आपसी बातचीत, संवाद और सहमति के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सकता है. मध्यस्थता ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें विवाद से जुड़े दोनों पक्षों को अपनी बात रखने और आपसी सहमति से समाधान तलाशने का अवसर मिलता है. जागरूकता वाहनों के माध्यम से लोगों को यह भी बताया जाएगा कि उपयुक्त मामलों में मध्यस्थता विवाद को लंबा खींचने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचने का एक विकल्प हो सकती है. साथ ही विधिक सेवा संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध मध्यस्थता सुविधाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचायी जाएगी.
न्यायिक और विधिक सेवा से जुड़े अधिकारी रहे मौजूद
जागरूकता वाहनों को रवाना करने के दौरान परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश वीरेश कुमार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ब्रज किशोर पाण्डेय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय दीपक मलिक, मध्यस्थगण, बार एसोसिएशन के अधिवक्ता समेत न्यायिक एवं विधिक सेवा से जुड़े सदस्य मौजूद थे.
दिसंबर तक चलेगा अभियान
बताया गया कि ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान 1 अक्टूबर से दिसंबर माह तक चलेगा. इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को विवादों के वैकल्पिक समाधान के बारे में जानकारी दी जाएगी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल का उद्देश्य मध्यस्थता के संदेश को न्यायालय परिसर तक सीमित न रखते हुए गांव-गांव और समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाना है. अभियान के जरिए लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि उपयुक्त विवादों में संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से समाधान का रास्ता भी अपनाया जा सकता है.
