Seraikela Kharsawan News :नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे प्रभु जगन्नाथ

सरायकेला-खरसावां. स्वस्थ हुए प्रभु जगन्नाथ, नेत्रोत्सव आज

खरसावां. सरायकेला-खरसावां में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का नेत्रोत्सव गुरुवार को पूरे विधि-विधान के साथ मनाया जायेगा. करीब 15 दिनों के एकांतवास के बाद सरायकेला, खरसावां, हरिभंजा, सीनी समेत क्षेत्र के लगभग एक दर्जन मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिये जायेंगे. इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के नवयौवन स्वरूप के दर्शन भक्तों को होंगे. मंदिरों में विशेष शृंगार किया जायेगा. बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रभु के दर्शन के लिए उमड़ेंगे. हरिभंजा स्थित जगन्नाथ मंदिर में गुरुवार दोपहर को नेत्रोत्सव का आयोजन होगा, जबकि सरायकेला और खरसावां में गुरुवार की रात पूजा-अर्चना के साथ नेत्रोत्सव संपन्न होगा. अनुष्ठान के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया जायेगा.

दर्शन मात्र से मिलता है पुण्य

मान्यता है कि नेत्रोत्सव के दिन भगवान के अलौकिक स्वरूप के दर्शन मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है. सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, स्नान पूर्णिमा (11 जून) के दिन अत्यधिक स्नान के कारण भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अस्वस्थ हो जाते हैं. इसके बाद उन्हें अणसर गृह (एकांत कक्ष) में विश्राम के लिए रखा जाता है. इस दौरान देवताओं को औषधीय जड़ी-बूटियों और विशेष आहार के माध्यम से उपचार दिया जाता है. अणसर गृह में ही मूर्तियों की रंगाई-पुताई भी की जाती है. अब देवता पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं और नेत्रोत्सव के दिन भक्तों को दर्शन देंगे.

27 जून को निकलेगी रथयात्रा

नेत्रोत्सव के एक दिन बाद, यानी 27 जून को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा रथ पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे. इस अवसर पर जिला के लगभग एक दर्जन स्थलों पर रथयात्रा का आयोजन होगा. भक्तों के बीच भक्ति-भाव और उल्लास के साथ प्रसाद वितरण भी किया जायेगा.

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By ATUL PATHAK

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