सरायकेला. सरायकेला के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में मंगलवार को उत्कलिय परंपरा के अनुसार नेत्र उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में मनाया गया. इस अवसर पर प्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन देवी सुभद्रा को अणसर गृह से विधि-विधान के साथ मंदिर के रत्न सिंहासन पर विराजमान कराया गया. इसके बाद तीनों विग्रहों का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं ने नवयौवन रूप में भगवान के दर्शन किए.नेत्र उत्सव के दौरान चंद पुरोहित, सेवायत एवं पूजा समिति के पदाधिकारियों की देखरेख में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए. वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक पूजा-अर्चना के बीच भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया. नवयौवन वेश में प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.मंदिर में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा. श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की. धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया.देर शाम तक मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा. भजन-कीर्तन एवं जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा. नेत्र उत्सव के साथ ही आगामी रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां भी तेज हो गई हैं, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है.
नेत्र उत्सव पर नवयौवन रूप में हुए प्रभु जगन्नाथ के दर्शन, उमड़े श्रद्धालु

फोटो:रत्न सिंहासन में विराजमान महाप्रभु | Prabhat Khabar Network
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सरायकेला के जगन्नाथ मंदिर में नेत्र उत्सव धूमधाम से मनाया गया। नवयौवन रूप में प्रभु जगन्नाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।