कुचाई में 11 बिरहोर परिवारों को अनुदान पर मिला बकरा-बकरी, मिलेगा स्वरोजगार का सहारा

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत कुचाई के 11 बिरहोर परिवारों को स्वरोजगार के लिए बकरा-बकरी वितरित किए गए। जानें इस सरकारी योजना की पूरी जानकारी।

खरसावां : मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत सोमवार को कुचाई प्रखंड के बिरगामडीह बिरहोर बस्ती के 11 आदिन जनजाति समुदाय के लोगों में शत प्रतिशत अनुदान पर बकरा-बकरी का वितरण किया गया. वहीं कुचाई के चार लाभुकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर बकरा-बकरी दिया गया. जिला परिषद सदस्य जिंगी हेंब्रम, बीडीओ साधु चरण देवगम, विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र मुंडा, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. शंकर सिंह, रांची की वैष्णवी एंटरप्राइज के उमेश मुखी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे.

योजना के तहत रांची की वैष्णवी एंटरप्राइज की ओर से प्रत्येक लाभुक को आठ बकरी और दो बकरे उपलब्ध कराए गए. साथ ही सभी पशुओं का बीमा भी कराया गया, ताकि पशुपालकों को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो. जिला परिषद सदस्य जिंगी हेंब्रम ने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और परिवारों की आय में वृद्धि होगी.

बीडीओ साधु चरण देवगम ने कहा कि सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुदान पर पशुधन उपलब्ध करा रही है. ग्रामीण इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं. पशुपालन पदाधिकारी डॉ. शंकर सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आय बढ़ाने के साथ उन्हें सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है. उन्होंने पात्र लोगों से सरकार की पशुपालन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभुक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे.


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Author: Sachindra Dash

Published by: Amleshnandan Sinha

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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