सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय खरसावां और उत्क्रमित उच्च विद्यालय पदमपुर में छात्र-छात्राओं को ओड़िया भाषा की किताबें बांटी गईं. बच्चों को कक्षा 9वीं और 10वीं की ओड़िया साहित्य, कहानी और एकांकी विषय की पुस्तकें मुफ्त में दी गईं. मातृभाषा की किताबें मिलने से बच्चों में खुशी देखी गई. इस दौरान उत्कल सम्मिलनी के जिलाध्यक्ष सुमंत चंद्र मोहंती, जिला सचिव अजय प्रधान, जिला पर्यवेक्षक सुशील कुमार षाडंगी, जिला कोषाध्यक्ष सपन मंडल और ओड़िया शिक्षकों ने मिलकर किताबों का वितरण किया.
पुरानी किताबों से फोटो कॉपी कर पढ़ाई करते थे विद्यार्थी
बताया गया कि वर्ष 1998 से तत्कालीन बिहार और वर्तमान झारखंड में ओड़िया भाषा साहित्य, कहानी और एकांकी की ये पुस्तकें पाठ्यक्रम में शामिल हैं. फिर भी अभी झारखंड और ओडिशा में ये किताबें आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. इसके कारण छात्र-छात्राओं को फोटो कॉपी से पढ़ाई करनी पड़ती थी. बच्चों की इस परेशानी को देखते हुए झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और ओड़िया समाजसेवी डॉ. दिनेश कुमार षाडंगी, उत्कल सम्मेलन पूर्वी सिंहभूम के सदस्य मनोरंजन गिरी, मनोज कुमार विहरा, लक्ष्मण चंद्र गिरी और अन्य समाजसेवियों के सहयोग से इन पुस्तकों को दोबारा छपवाया गया. अब इन किताबों को झारखंड के अलग-अलग उच्च विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच मुफ्त में बांटा जा रहा है.
सभी ओड़िया विद्यार्थियों को मिलेगी पुस्तक
उत्कल सम्मिलनी के जिला पर्यवेक्षक सुशील षाडंगी ने बताया कि किताबें उपलब्ध होने के बाद अब विद्यार्थियों को ओड़िया भाषा साहित्य, कहानी और एकांकी विषय की पढ़ाई के लिए फोटोकॉपी का सहारा नहीं लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में सरायकेला-खरसावां जिले के अन्य स्कूलों में भी किताबों का वितरण किया जाएगा.
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