सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां स्थित आकर्षणी पहाड़ी क्षेत्र में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है. आग पहाड़ी के समीप स्थित डूंगरी यानी छोटी पहाड़ी वाले इलाके में लगी, जिससे आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया. आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं और देखते ही देखते सूखी घास और झाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण सतर्क हो गए और उन्होंने तुरंत पुलिस प्रशासन तथा वन विभाग को इसकी सूचना दी.
पेड़-पौधे जले, कई पौधे झुलसे
आग लगने से पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई पेड़-पौधे और सूखी घास जलकर राख हो गए. वहीं बड़ी संख्या में छोटे पौधे आग की चपेट में आकर झुलस गए. आग की तीव्रता के कारण कुछ देर के लिए पूरा इलाका धुएं से भर गया, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा. स्थानीय लोगों के अनुसार यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह आग जंगल के बड़े हिस्से में फैल सकती थी और भारी नुकसान हो सकता था.
ग्रामीणों, पुलिस और वन विभाग ने मिलकर बुझाई आग
आग की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. देर रात तक सभी ने कड़ी मशक्कत की और दमकल की गाड़ी बुलाकर आग पर काबू पाया गया. ग्रामीणों की सक्रियता और प्रशासन की तत्परता के कारण आग को फैलने से रोक लिया गया. इससे बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान को टालने में सफलता मिली.
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है. हालांकि आशंका जताई जा रही है कि गर्मी के मौसम में सूखी पत्तियों और घास में लगी आग के कारण यह घटना हुई होगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इस इलाके में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कई पेड़-पौधे झुलस गए थे.
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जंगलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की अपील
खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने लोगों से जंगलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी आग लगने की घटना दिखे तो तुरंत पुलिस या वन विभाग को सूचना दें. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में जंगलों में सूखी पत्तियों में आग नहीं लगानी चाहिए. इससे न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि जैव विविधता पर भी गंभीर असर पड़ता है. जंगलों की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
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