खरसावां में खाद की कालाबाजारी से परेशानी, किसानों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

खरसावां में डीएपी और यूरिया खाद की कालाबाजारी से किसान परेशान हैं. किसान समिति ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है.

किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ‘किसान समिति खरसावां’ के प्रतिनिधियों ने सोमवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रधान से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. समिति ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के दुकानदार डीएपी और यूरिया खाद निर्धारित दर से दोगुने दामों पर बेच रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है.

ज्ञापन के अनुसार, 1350 रुपये मूल्य वाली डीएपी खाद 2400 रुपये में और 266 रुपये वाली यूरिया 500 रुपये तक में बेची जा रही है. इसके अलावा, खरसावां लैंपस में पर्याप्त यूरिया उपलब्ध न होने के कारण किसान निजी दुकानों से महंगी खाद खरीदने को मजबूर हैं. वर्तमान कृषि मौसम में इस समस्या से खेती-किसानी काफी प्रभावित हो रही है.

किसान समिति ने प्रशासन से पंजीकृत खाद दुकानों की तुरंत जांच कराने, तय दर पर बिक्री सुनिश्चित करने और सभी दुकानों में मूल्य सूची प्रदर्शित कराने की मांग की है. ज्ञापन सौंपने के दौरान नव किशोर सिंहदेव, शैलेश सिंह, सुशांत षाडंगी और शंभू मंडल समेत कई प्रतिनिधि मौजूद थे.


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By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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