करम डाली सजी, गूंजे गीत और थिरके कदम...बुरूडीह स्कूल में दिखी संस्कृति की खूबसूरत झलक

खरसावां के बुरूडीह स्कूल में करम पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया. छात्र-छात्राओं ने करम डाली स्थापित कर पारंपरिक गीत-नृत्य प्रस्तुत किए, जिसने पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया. शिक्षकों ने पर्व के महत्व और भाईचारे पर प्रकाश डाला.

खरसावां : करम पर्व की पूर्व संध्या पर उत्क्रमित उच्च विद्यालय बुरूडीह में हर्षोल्लास के साथ करम पर्व मनाया गया. विद्यालय परिसर में करम डाली स्थापित कर जावा रखा गया. इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर करम पर्व की परंपरा, गीत-संगीत और नृत्य के रंग में रंगा नजर आया. छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्व की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया.

करम पर्व की परंपरा और महत्व पर डाला प्रकाश

कार्यक्रम के दौरान कुरमाली विषय के शिक्षक तुषार कांति महतो ने करम पर्व की परंपरा और महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा - करम पर्व हमारी संस्कृति और परंपरा की पहचान है. यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है. शिक्षक प्रदीप कुमार महतो ने करम पर्व को आपसी प्रेम और भाईचारे का पर्व बताते हुए विद्यार्थियों को मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे का सम्मान करने और संस्कृति को सहेजने का संदेश दिया. उन्होंने करम पर्व से जुड़ी लोककथाओं से भी बच्चों को अवगत कराया. विद्यालय के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र महतो ने विद्यार्थियों को करम पर्व की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा - ऐसे पर्व बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं. शिक्षिका अनीशा लकड़ा ने भी विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया.

करम नृत्य बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत करम नृत्य रहा. आरती एवं विक्की ग्रुप, शांति ग्रुप, प्रीति ग्रुप, राज ग्रुप, खुशी ग्रुप और साक्षी ग्रुप के विद्यार्थियों ने बारी-बारी से मनमोहक करम नृत्य प्रस्तुत किया. उनके प्रदर्शन ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग भर दी. अंत में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से करम नृत्य प्रस्तुत किया. इस दौरान पूरा परिसर करम गीत और नृत्य से गूंज उठा. विद्यार्थियों के सामूहिक प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. कार्यक्रम का संचालन प्रदीप कुमार महतो ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मौसमी दास ने दिया. मौके पर शिक्षक धर्मेंद्र महतो, मनोज पांडे, नीलमोहन महतो, युधिष्ठिर पान, तुषार कांति महतो, प्रदीप कुमार, अनीशा लकड़ा, मौसमी दास सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.

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By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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