खरसावां : बोरड़ा-बुढ़ीतोपा सड़क बदहाल, गड्ढों और जलजमाव से बढ़ी लोगों की परेशानी

खरसावां के बोरड़ा-बुढ़ीतोपा मार्ग की स्थिति जर्जर है. गहरे गड्ढों और जलजमाव से हजारों ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

खरसावां : खरसावां प्रखंड के बोरड़ा से बुढ़ीतोपा चौक तक जाने वाली सड़क इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है. जगह-जगह उखड़ी पिच, बड़े-बड़े गड्ढे और बारिश के पानी से भरे जलजमाव ने इस मार्ग पर आवागमन मुश्किल बना दिया है. सड़क की जर्जर स्थिति से प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. बारिश के दौरान कीचड़ और फिसलन के कारण स्कूली वाहन तक बीच रास्ते में फंस जा रहे हैं.

एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग सड़क से करते आवागमन

बोरड़ा-बुढ़ीतोपा मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है. इसी रास्ते से बुढ़ीतोपा, आसनतलिया, कोचा, मौदा, पिंडकी, खुंदीपीढ़, दलाईकेला, बड़ामशाल, खमारडीह, कुदासिंगी और पानपोस सहित करीब एक दर्जन गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं. दोपहिया, चारपहिया, साइकिल और पैदल चलने वाले लोगों के लिए यह सड़क अब परेशानी का कारण बन गई है. फिलहाल कई लोग खराब सड़क से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेने को मजबूर हैं.

पत्थर और गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क

करीब आठ-नौ वर्ष पूर्व इस सड़क का जीर्णोद्धार कराया गया था, लेकिन अब अधिकांश हिस्सों से डामर पूरी तरह उखड़ चुका है. सड़क पर केवल पत्थर और गहरे गड्ढे ही नजर आते हैं. बारिश के कारण इनमें पानी भर जाने से वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार स्थानीय विधायक दशरथ गागराई की पहल पर सड़क के जीर्णोद्धार की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. ग्रामीणों ने अविलंब सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करते हुए कहा कि सड़क बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी.


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लेखक के बारे में

Author: Sachindra Dash

Published by: Amleshnandan Sinha

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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