शचिंद्र कुमार दाश
खरसावां : झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और आजसू पार्टी के पूर्व केंद्रीय महासचिव दामु बानरा का मंगलवार को करीब 65 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन की खबर से कोल्हान समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई. वे पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड स्थित गाड़ा राजाबासा गांव के निवासी थे. उनका अंतिम संस्कार बुधवार को उनके पैतृक गांव में किया जाएगा.
कई महीनों से थे अस्वस्थ
परिजनों के अनुसार दामु बानरा पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे. करीब 10 दिन पहले इलाज के बाद वे अस्पताल से घर लौटे थे. मंगलवार सुबह अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई. परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली.
झारखंड आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
दामु बानरा झारखंड आंदोलन के सक्रिय और समर्पित नेताओं में गिने जाते थे. अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर चले आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. लंबे समय तक वे झारखंडी जनभावनाओं की आवाज बनकर विभिन्न आंदोलनों और जनसंगठनों से जुड़े रहे. सामाजिक और राजनीतिक जीवन में उनकी सक्रियता के कारण कोल्हान क्षेत्र में उनका विशेष सम्मान था.
आजसू पार्टी में निभाई कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
दामु बानरा ने आजसू पार्टी में पूर्व केंद्रीय महासचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. वर्तमान में वे पार्टी के प्रशिक्षक की भूमिका में कार्य कर रहे थे. संगठन को मजबूत करने और नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को तैयार करने में उनका अहम योगदान माना जाता है.
सुदेश महतो ने जताया गहरा शोक
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने दामु बानरा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि दामु बानरा का पूरा जीवन झारखंडी जनता के संघर्ष और अधिकारों की लड़ाई को समर्पित रहा. उन्होंने आजसू की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वे दूरदर्शी चिंतक, कुशल मार्गदर्शक और समर्पित आंदोलनकारी थे. उनका निधन आजसू परिवार, झारखंड आंदोलन और पूरे कोल्हान क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है.
राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक
दामु बानरा के निधन पर आजसू नेताओं, झारखंड आंदोलनकारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है. लोगों ने उनके संघर्षशील जीवन और झारखंड आंदोलन में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
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