सरयकेला. झारखंड के पूर्व सीएम सह सरयकेला विधायक चंपाई सोरेन ने अपने सोशल साइट पर बयान जारी कर कहा है कि दूसरे राज्यों में पेपर लीक होता होगा, लेकिन झारखंड की ‘सीट बेचवा सरकार’ में तो ऊपर से नीचे तक पूरा सिस्टम ही बिका हुआ है. सत्ता के संरक्षण में, युवाओं का भविष्य बेचने वाले इन दलालों ने जब सीआईडी के माध्यम से हाईकोर्ट तक को गुमराह कर दिया, तो फिर राज्य सरकार की एजेंसियों पर कोई कैसे भरोसा करे?
साथ ही, कहा कि अब अपराधी खुद पेपर लीक करने की बात स्वीकार कर रहे है, लेकिन उसके बावजूद सरकार पूरी बेशर्मी से इसे झुठला रही है. सीबीआई ही इस मामले की सच्चाई सामने ला सकती है, लेकिन शायद इसकी आंच सत्ता के शीर्ष तक जाने के डर से राज्य सरकार इससे पीछे हट रही है.
वहीं, डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कहा कि, ‘जब सड़कें खामोश हो जाती हैं, तो सदन आवारा हो जाती है’ जब न्याय मांगने पर लाठी मिले, राज्य का युवा हताश होकर आंदोलन पर बैठा हो, हर मामले में झूठे आरोपों द्वारा विपक्ष को बदनाम करने की परंपरा बन जाए, और सत्ता तानाशाही का नंगा नाच करे, तब जनता को सड़कों पर आना ही पड़ता है.
