सरायकेला: इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स (आईएएल) जमशेदपुर इकाई ने जीवन के अधिकार, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवीय हिरासत प्रथाओं की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को सरायकेला पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी को मांग पत्र सौंपा. आईएएल ने कहा कि यह मांग पत्र संविधान के अनुच्छेद 21, सर्वोच्च न्यायालय के मनेका गांधी बनाम भारत संघ, डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य 1997, जोगिंदर कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य 1994 एवं अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य 2014 के ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित है. इसके साथ ही मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (यूडीएचआर) संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 में दिए गए प्रावधानों का भी हवाला दिया गया है.
अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पारदर्शी न्याय व्यवस्था पर जोर
इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स ने एसपी गिरफ्तारी,हिरासत एवं कैदियों के अधिकारों पर सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का कठोरता से पालन करने,अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन एवं गरिमा की रक्षा करने,कानूनी प्रतिनिधित्व का असीमित अधिकार एवं अधिवक्ताओं का संरक्षण करने,अधिवक्ताओं एवं पुलिस के बीच सौहार्दपूर्ण व्यावसायिक संबंध स्थापित करने,अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का एकीकरण करने,पारदर्शिता,जवाबदेही एवं तकनीकी सुरक्षा का उपाय करने एवं क्षमता निर्माण व निगरानी करने की मांग की है. आईएएल ने इन मांगों के शीघ्र क्रियान्वयन और उच्च-स्तरीय बैठक कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की अपील की है. संगठन ने कहा कि इससे आपराधिक न्याय व्यवस्था में जनविश्वास मजबूत होगा.मौके पर राजकुमार साहू सहित कई सदस्य व अधिवक्ता उपस्तित थे.
