सरायकेला. सरायकेला-खरसावां जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा खुद बीमार है. जिले की एंबुलेंस की स्थिति ठीक नहीं है. इनकी मरम्मत जरूरी है. शुक्रवार की सुबह गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कालाडुंगरी के समीप एक 108 एंबुलेंस को दूसरी एंबुलेंस को रस्सी के सहारे खींचते हुए ले जाया गया. बताया जाता है कि एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गयी थी. इस संबंध में गम्हरिया के भाजपा प्रखंड प्रभारी कृष्णा दास ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाली महागठबंधन सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है. खुद को गरीब-गुरबा और माटी की सरकार कहने वाले को सिर्फ जनता के वोट से मतलब है. उनके जीवन से कोई सरोकार नहीं है. समाज के लिए सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा व्यवस्था प्रदेश में पूरी तरह से चौपट हो गयी है. स्वास्थ्य मंत्री केवल वादे करते हैं. अस्पतालों में डॉक्टर व कर्मचारियों की घोर कमी है. इमरजेंसी सेवा मानी जाने वाली एंबुलेंस सेवा पूरी तरह से चौपट हो चुकी है. ऐसी व्यवस्था से जिले के मरीजों का जीवन कितना सुरक्षित है.- खरसावां की एक 108 एंबुलेंस खराब थी. सरायकेला की 108 एंबुलेंस से खींच कर गैरेज में पहुंचाया गया है.
डॉ सरयू प्रसाद सिंह
, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल, सरायकेलाडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
