शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Saraikela Kharsawan News: झारखंड के खरसावां प्रखंड के सुपायासाई गांव में शनिवार को धुलौट और कुंज विसर्जन के साथ 16 प्रहर हरिनाम संकीर्तन संपन्न हुआ. इस दौरान गांव का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालु “हरे कृष्णा-हरे राम ” के जयकारा के साथ संकीर्तन में लीन रहे. कुंज विसर्जन पर बड़ी संख्या में ग्रामीण संकीर्तन स्थल पर शामिल हुए. राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना, आरती और भोग के साथ संकीर्तन की पूर्णाहुति की गई. इसके बाद श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की परिक्रमा कर उन्हें रंग-गुलाल अर्पित किया. आपस में भी रंग-गुलाल खेलते हुए संकीर्तन का समापन किया. कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और देर शाम राधा-कृष्ण की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया.
विधायक, जिप अध्यक्ष समेत कई अतिथियों की पूजा अर्चना
तीन दिवसीय संकीर्तन के दौरान विधायक दशरथ गागराई ने अपनी पत्नी बासंती गागराई के साथ संकीर्तन स्थलपर पहुंचकर राधा-कृष्ण की पूजा अर्चना की. इसके अलावा, जिप अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, पूर्व विधायक शशि भूषण समद, ओड़िया भाषा भाषा विकास परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रो नागेश्वर प्रधान, दिलीप प्रधान समेत बड़ी संख्या में लोग संकीर्तन स्थल पर पहुंचे. राधा-कृष्ण की परिक्रमा करते हुए खुशहाली की कामना की.
पुरुलिया की महिला संकीर्तन दल रही रही आकर्षण का केंद्र
इसमें मुख्य रुप से पश्चिम बंगाल के झाडग्राम के ईलारानी, ओडिशा पुरुलिया के अवनी दास, पुरुलिया के गौर विष्णु प्रिया महिला संप्रयाद, मेदनीपुर के रंजीत दास महिला संप्रदाय, पुरुलिया के भुवनदास संकीर्तन दल समेत जोजो कुड़मा के जीत मोहन महतो, सरगीडीह के नारायण दास व दुलमी (रांची) के भुवन दास की के कीर्तन मंडली ने भी राधा-कृष्ण पर आधारित संकीर्तन प्रस्तुत किया. इस दौरान भंडारे का आयोजन कर भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया.
सफल आयोजन में समिति की महत्वपूर्ण भूमिका
16 प्रहर संकीर्तन के दौरान पूरे गांव में उत्सव का भक्ति पूर्ण माहौल देखा गया. राधा और कृष्ण भक्ति के रस में श्रद्धालु डूबे रहे. श्रद्धालु राधे राधे और जय श्रीकृष्णा के जयकारे लगाते रहे. आयोजन की सफलता में पं भरत मिश्र, नारायण दास, मकरध्वज प्रधान, सुदर्शन प्रधान, नारायण प्रधान, दिवाकर प्रधान, उमाशंकर प्रधान, शचिंद्र प्रधान, लक्ष्मी नारायण प्रधान, सादो बानरा, मैत्र तांती, उमाशंकर मुदी, सत्य कुमार प्रधान, राम प्रधान, चिंतामणी प्रधान, भागरथी प्रधान, मुरारी प्रधान, गोपाल प्रधान समेत गांव के अन्य लोग सक्रिय रूप से शामिल रहे.
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