Kharsawan: शहीद निर्मल महतो स्मारक भवन में कुड़माली भाषा की निशुल्क कक्षाएं आयोजित

Kharsawan: खरसावां में शहीद निर्मल महतो स्मारक भवन में कुड़माली भाषा सीखाने के लिए निशुल्क कक्षाएं आयोजित की गईं. इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति के संरक्षण के साथ युवाओं को अपनी मातृभाषा से जोड़ना है. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

शचिंद्र कुमार दाश
Kharsawan: खरसावां के शहीद निर्मल महतो स्मारक भवन में हर रविवार को साप्ताहिक निशुल्क कुड़माली भाषा कक्षा का आयोजन किया जा रहा है. इसमें खरसावां व आसपास के गांवों के आठवीं से लेकर 12 तक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी पहुंचकर अपनी मातृभाषा की शिक्षा ले रहे हैं. समर वेकेशन के दौरान बच्चों के लिये अलग से स्पेशल क्लास भी चलाया जा रहा है. इस कारण बच्चों की उपस्थिति भी अधिक देखी जा रही है. कुड़माली भाषा के सहायक प्रोफेसर सुभाष महतो समेत शिक्षक सुनिल महतो, तुषारकांति महतो, त्रिलोचन महतो आदि कुड़माली भाषा की निशुल्क शिक्षा दे रहे है.

इसके अलावे पंकज महतो, दीपक महतो व गदाधर महतो भी बच्चों को समय-समय पर इस भाषा की शिक्षा दे रहे हैं. दोनों शिक्षकों ने बच्चों को विभिन्न विषयों की मूलभूत जानकारी देने के साथ-साथ अभ्यास भी कराया. इससे बच्चों में गहरी रुचि देखने को मिली.

भाषा की शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल

कुड़मी समाज के पंकज महतो ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य न केवल मातृभाषा के प्रति छात्रों में जागरूकता लाना है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए अन्य विषयों की भी जानकारी देना है. साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्रीय भाषा, शिक्षा और सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे. बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने की बात कही. उन्होंने बताया कि यह शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रयास हर रविवार को सुबह 7.30 से 9.30 तक तक जारी रहेगा. सभी शिक्षकों, समाजसेवियों और प्रतिभागी विद्यार्थियों को धन्यवाद ज्ञापित किया.

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Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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