खरसावां: खूंटपानी प्रखंड के माटकोबेड़ा में कोल्हान रक्षा संघ की केंद्रीय बैठक हुई. बैठक में कोल्हान क्षेत्र के अधिकारों, आदिवासी संस्कृति, ग्राम सभा की भूमिका और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी.
बैठक की अध्यक्षता कोल्हान रक्षा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष दिवार जोंको ने की. इसमें बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ चंपिया, झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता कौशलेन्द्र प्रसाद, संविधान विशेषज्ञ प्रेमचंद मुर्मू, झारखंड आंदोलनकारी सुखदेव हेंब्रम समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे.
सड़क, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर उठी आवाज
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं बनाते समय स्थानीय जरूरतों और लोगों की भागीदारी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर दिया जोर
पूर्व मंत्री सह बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ चंपिया ने कहा कि कोल्हान की पहचान उसकी परंपराओं, ग्राम सभा व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी है. उन्होंने कहा कि पांचवीं अनुसूची, विल्किन्सन रूल और पेसा कानून में मिले अधिकारों की रक्षा करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है.
गांव-गांव जाकर चलाया जायेगा जागरूकता अभियान
कोल्हान रक्षा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष दिवार जोंको ने कहा कि संगठन क्षेत्र के लोगों की आवाज को मजबूत करने के लिए लगातार काम करता रहेगा. उन्होंने कहा कि ग्राम सभा को मजबूत करने और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर संगठन आगे भी अभियान चलायेगा.
बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि कोल्हान क्षेत्र के अधिकारों, जनसमस्याओं और विकास के मुद्दों को लेकर संगठन गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलायेगा. साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से लोगों की समस्याओं को सामने रखा जायेगा.
बैठक में महासचिव मानसिंह हेंब्रम, कोषाध्यक्ष जय सिंह हेंब्रम समेत बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न गांवों से आये प्रतिनिधि मौजूद थे.
