धधकते अंगारों पर आस्था की छलांग! नंगे पांव चले भक्त, देखें उदालखाम की इस अनोखी परंपरा की तस्वीरें..

उदालखाम गांव में तीन दिवसीय मां मनसा पूजा के समापन पर श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी आस्था प्रकट की. यह अनोखी परंपरा सदियों से चली आ रही है और सामुदायिक भावना से मनाई जाती है.

खरसावां: उदालखाम गांव में तीन दिवसीय मां मनसा पूजा के समापन पर रविवार को आस्था और परंपरा का अनोखा दृश्य देखने को मिला. धधकते अंगारों पर श्रद्धालु नंगे पांव चलते रहे और मां मनसा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की. अंगारों पर कदम बढ़ाते श्रद्धालुओं को देखने के लिए उदालखाम समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे. पूरे आयोजन के दौरान गांव भक्तिमय माहौल में डूबा रहा.

तीन दिनों तक चला पूजा-अनुष्ठान, पांच स्थानों पर हुई पूजा

अंगारों पर चलते भक्त

मां मनसा पूजा को लेकर तीन दिनों तक गांव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किये गये. परंपरा के अनुसार नदी और तालाब से विधिवत घाट लाकर मां मनसा की प्रतिमा के समक्ष स्थापित किया गया. इसके बाद रातभर पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे. आयोजन के दौरान परंपरा के अनुसार बकरे और बत्तख की बलि भी चढ़ायी गयी. गांव के पांच अलग-अलग स्थानों पर मां मनसा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की गयी.

पूजा के अंतिम दिन अंगारों पर चलने का अनुष्ठान मुख्य आकर्षण रहा. श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी आस्था प्रकट की. इस दौरान लोगों ने मां मनसा से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसका आयोजन सामुदायिक आस्था के साथ किया जाता है.

मनसा मंगल ने बांधा समां, नृत्य-गीत के बीच हुआ विसर्जन

अंगारों पर चलती महिलाएं

पूजा के दौरान स्थानीय कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पारंपरिक मनसा मंगल की प्रस्तुति ने ग्रामीणों का विशेष ध्यान आकर्षित किया. गीत-संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों के बीच ग्रामीण देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे. आयोजन में गांव की लोक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता की झलक देखने को मिली.

पूजा के समापन पर मां मनसा की प्रतिमा का धूमधाम से विसर्जन किया गया. प्रतिमा को जुलूस के रूप में नदी तक ले जाया गया. इस दौरान ग्रामीण पारंपरिक गीत गाते और नृत्य करते हुए शामिल हुए. श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा. विसर्जन के साथ ही तीन दिवसीय मां मनसा पूजा का समापन हुआ. आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के सदस्यों के साथ ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही.

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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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