सरायकेला : जिले में चल रही विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है. समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में विभिन्न कार्य प्रमंडलों और कार्यान्वयन एजेंसियों की योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की गई. लंबित और धीमी गति से चल रही योजनाओं को लेकर डीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि काम में तेजी लाएं और सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करें. वहीं, लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर कार्रवाई के भी संकेत दिए गए.
निर्माण पूरा करना ही लक्ष्य नहीं, जनता तक पहुंचे लाभ
उपायुक्त ने कहा - किसी भी विकास योजना का उद्देश्य सिर्फ निर्माण कार्य पूरा करना नहीं है. योजनाओं का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने पूर्ण हो चुकी योजनाओं की शेष प्रक्रिया जल्द पूरी कर उन्हें आम जनता को समर्पित करने का निर्देश दिया. डीसी ने विभागवार योजनाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से लंबित कार्यों में तेजी लाने और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा.
कार्यस्थल का नियमित निरीक्षण करें अभियंता
बैठक में उपायुक्त ने सभी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कार्य स्वीकृत प्राक्कलन और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए. निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी गई. अधिकारियों को कार्य की प्रगति के साथ उसकी गुणवत्ता पर भी लगातार नजर रखने को कहा गया.
पेयजल और जनसुविधाओं वाली योजनाओं पर फोकस
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता समेत आम लोगों से सीधे जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. डीसी ने कहा - जिन योजनाओं का सीधा असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ता है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजनाओं में अनावश्यक देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे संवेदकों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया, जो समय पर काम पूरा नहीं कर रहे हैं या कार्य की गुणवत्ता में लापरवाही बरत रहे हैं. ऐसे मामलों में नियमानुसार संविदात्मक कार्रवाई की जाएगी. बैठक में अधिकारियों को योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने और प्रगति की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए.
अब काम की रफ्तार और गुणवत्ता दोनों पर नजर
समीक्षा बैठक के बाद साफ है कि प्रशासन की नजर अब सिर्फ योजनाओं की स्वीकृति और निर्माण शुरू होने पर नहीं, बल्कि काम कब पूरा होगा और उसका लाभ आम लोगों तक कब पहुंचेगा, इस पर भी रहेगी.
