सरायकेला: सीनी ओपी प्रभारी विनय कुमार सिंह ने शनिवार को वार्षिणी प्लस टू उच्च विद्यालय पहुंचकर छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया. इस दौरान उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व. कैरियर निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया. कार्यक्रम विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया. जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद थे.
लक्ष्य निर्धारण ही सफलता की कुंजी
ओपी प्रभारी ने सबसे पहले बच्चों से उनकी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को जाना. कई छात्रों ने पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों को उनके सामने रखा. प्रभारी ने धैर्यपूर्वक सभी बातों को सुना और उनके समाधान का मूल मंत्र भी बताया. उन्होंने कहा कि अनुशासन, नियमित अध्ययन और लक्ष्य निर्धारण ही सफलता की कुंजी है. उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे समय का सदुपयोग करें. मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग सीमित रखें, तथा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें.
विद्यार्थी जीवन ही चरित्र निर्माण की नींव
संवाद के दौरान प्रभारी ने आठवीं से दसवीं तक के छात्र-छात्राओं को उनके सामाजिक दायित्वों के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन ही चरित्र निर्माण की नींव है. इसी उम्र में अच्छे संस्कार और अच्छी आदतें अपनाने से भविष्य उज्जवल बनता है. उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें. विद्यालय के नियमों का पालन करें. और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएं.
नशा और जिंदगी के बीच जिंदगी को चुनें
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नशा के खिलाफ जागरूकता रहा. ओपी प्रभारी ने कहा कि नशा पान समाज के लिए सबसे घातक होता है. जहां नशा होता है वहां कभी भी स्वस्थ समाज का निर्माण नहीं हो सकता. नशा न केवल व्यक्ति के शरीर को खोखला करता है. बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है. उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें. और अपने दोस्तों को भी नशे से बचने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि हमेशा नशा और जिंदगी के बीच जिंदगी को चुनें. क्योंकि जिंदगी बहुत अनमोल है.
प्रभारी ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है. बल्कि समाज को जागरूक करना भी है. खासकर युवा पीढ़ी को सही दिशा देना हमारी प्राथमिकता है. यदि बच्चे नशे से दूर रहेंगे तो समाज अपने आप सशक्त और स्वस्थ बनेगा. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और शिक्षकों ने ओपी प्रभारी के इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि पुलिस और विद्यालय के बीच इस तरह का संवाद बच्चों के लिए प्रेरणादायक है. इससे बच्चों में अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित होगी. कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने भी ओपी प्रभारी से कई सवाल पूछे. जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया. पूरे कार्यक्रम का माहौल सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायक रहा.
