सरायकेला. सरायकेला प्रखंड अंतर्गत जगन्नाथपुर के गोकुलधाम में चल रही श्रीमद् भागवत गीता की कथा के पांचवें दिन राजा परीक्षित और शुकदेव की कथा सुनायी गयी. कथावाचक बसंत प्रधान ने भागवत कथा सुनाते हुए बताया कि जीवन में इच्छाओं की अनंत तृष्णा और असफलताओं के कारण मन अशांत हो जाता है. अशांत मन से किये गये कार्यों और पूजा-पाठ का पूर्ण फल नहीं मिलता है.
…मेरे पास सब कुछ हो, दूसरों से ज्यादा हो..:
उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित ने शुकदेव से पूछा था कि कलियुग में लोग इतने बेचैन क्यों रहते हैं और मन शांत क्यों नहीं रहता है” शुकदेव ने उत्तर दिया कि पुराने समय में भूमि देवी ने भी भगवान से यही बात कही थी. देवी ने कहा कि बड़े-बड़े राजा मुझसे जीतना चाहते हैं, जबकि वे स्वयं मौत के खेल के भागी हैं. कोई भी व्यक्ति मृत्यु के बाद मुझे अपने साथ नहीं ले जा सकता, फिर भी लोग मुझे पाने के लिए बेचैन रहते हैं. कथावाचक ने आगे कहा कि मनुष्य जो धन-संपत्ति कमाता है या प्राप्त करना चाहता है, वही झगड़े और तनाव का कारण बनते हैं. सभी चाहते हैं कि “मेरे पास सब कुछ हो, दूसरों से ज्यादा हो”, जबकि ये सभी वस्तुएं अंततः यहीं रह जाती हैं. शांति पाने का उपाय बताते हुए बसंत प्रधान ने कहा कि व्यक्ति को अपने इष्टदेव का नाम और मंत्र जपना चाहिए. भजन, पूजा-पाठ और ध्यान करने से मन को शांति मिलती है. इच्छाओं को त्यागकर इष्टदेव के नाम का जप करने से मन में सकारात्मक परिवर्तन आयेंगे और मन शांत होगा. कथा के समापन पर भंडारा का आयोजन किया गया और प्रसाद का वितरण किया गया.मौके पर ये रहे उपस्थित:
मौके पर दिनेश प्रधान, राधावल्लभ प्रधान, अजीत प्रधान, नागेश्वर प्रधान, कृष्ण कुमार प्रधान, सीताराम मंडल, हेमंत प्रधान,सुर्या प्रधान ,सहदेव सरदार ,हरिश्चंद्र प्रधान , जगन्नाथ प्रधान ,दामोदर प्रधान, कुंजो प्रधान, दिलीप प्रधान , हेमसागर प्रधान, देवीदत्त प्रधान, प्रदीप प्रधान, शैलेंद्र प्रधान समेत कई उपस्थित थे.
भागवत कथा सुनने से मन में आते हैं सात्विक विचार : रत्नाकर नायकसरायकेला. श्री जगन्नाथ मंदिर सरायकेला के प्रांगण में जगन्नाथ सेवा समिति द्वारा आयोजित पांच दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन (मंगलवार) पंडित श्री रत्नाकर नायक ने कहा कि भागवत कथा पढ़ने और सुनने से जीवन में सात्विक विचार उत्पन्न होते हैं और यह सांसारिक जीवन में पाप कर्मों से दूर रहने का संदेश देती है. उन्होंने सभी से भागवत कथा श्रवण करने का आग्रह किया और इसे केवल औपचारिकता न मानकर कथा के संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करने को कहा.कथावाचक ने वामन अवतार, गजेन्द्र उद्धार और समुद्र मंथन के प्रसंगों का व्याख्यान किया. उन्होंने बताया कि भागवत कथा में भगवन विष्णु के विभिन्न अवतारों का वर्णन है, जिनसे मानव जाति को कई महत्वपूर्ण जीवन सीख मिलती है. कथा में अनेक भक्तों का भी उल्लेख है, जिन्होंने भगवान को पाने के लिए कठोर तपस्या की. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को भगवान और भक्तों की कथाओं का मनन कर अपने जीवन को भक्तिभाव से समृद्ध करना चाहिए.
आज सुबह 9 बजे से होगा कथा का वाचन:
कार्तिक पूर्णिमा बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा प्रवचन कार्यक्रम सुबह नौ बजे से अपराह्न 01 बजे तक होगा. कथा के पश्चात भक्तों में महाप्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा.चौका के मिलनचौक में रामचरित मानस पाठ पर उमड़े श्रद्धालु
चौका. ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के मिलन चौक स्थित राम मंदिर में तीन दिवसीय रामकथा के अंतिम रात्रि विशेष भक्तिमय माहौल में सम्पन्न हुआ. इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. रात में बंगाल एवं झारखंड के विभिन्न दलों के द्वारा रामकथा सुनायी गयी. बंगाल से आये कथावाचक पंडित लखन लाल दुबे, ईचागढ़ के अमर गोस्वामी, मंथला दास (बाधमुंडी), धनंजय दास (जमशेदपुर), हरेमोहन मिश्रा, हेमलता दास (पुरुलिया), एवं देवाशीष राय जैसे विशिष्ट वक्ताओं ने राम कथा का प्रवचन दिया. कार्यक्रम में आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो के निर्देशानुसार गोपेश महतो, दिलीप कुमार दास, संदीप दास, बीरबल गोप, रंजीत पुरान सहित कमेटी के गणपति महतो, निरंजन दास, शिष्टीधर महतो, रंथी महतो और दिलीप महतो भी उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
