चांडिल. सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल की खेल प्रतिभा ने एक बार फिर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनायी है. खेल दिवस पर पटना (बिहार) में आयोजित बिहार अवॉर्ड सेरेमनी-2026 में बलराम कुमार तांती को ''महात्मा बुद्ध अवॉर्ड'' से सम्मानित किया गया. उन्हें यह सम्मान खेल में उल्लेखनीय योगदान, खिलाड़ियों को तैयार करने और ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए दिया गया है.
बलराम कुमार तांती लंबे समय से खेल के क्षेत्र में सक्रिय हैं. जिले की प्रतिभाओं को बेहतर मंच दिलाने के लिए प्रयासरत हैं. उनकी पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सरकारी स्कूलों की छात्राओं को नि:शुल्क सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) का प्रशिक्षण देना है. ग्रामीण विद्यालयों की बच्चियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर वे उनमें आत्मविश्वास जगा रहे हैं, जिससे कई छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में पदक भी हासिल किये हैं.
उन्हें विश्व के सबसे कम उम्र के महासचिव के रूप में पहचान मिलने की बात कही गई है. पटना में इस सम्मान के मिलने से चांडिल सहित पूरे सरायकेला-खरसावां जिले के खेल प्रेमियों, निर्देशकों और अधिकारियों में हर्ष का माहौल है. बलराम कुमार तांती ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक प्रेरणा है और ग्रामीण युवाओं को खेल से जोड़कर आगे बढ़ाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा.
