आदिवासी महिला से दुर्व्यवहार के मामले में नप गए चांडिल के एएसआई, वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां के चांडिल थाना क्षेत्र में आदिवासी महिला से कथित दुर्व्यवहार के मामले में वायरल वीडियो के बाद एएसआई यमुना राम को लाइन हाजिर कर दिया गया है. पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. ग्रामीणों में घटना को लेकर नाराजगी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

चांडिल से हिमांश गोप की रिपोर्ट

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के रुचाप गांव में एक आदिवासी महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार और उससे जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने चांडिल थाना के एएसआई यमुना राम को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है. साथ ही पूरे मामले की जांच और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

महिला ने एसपी और एसडीपीओ को सौंपा आवेदन

जानकारी के अनुसार रुचाप गांव निवासी सोमवारी मुंडा ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ को आवेदन देकर एएसआई यमुना राम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अपने आवेदन में उन्होंने कहा है कि एएसआई उनके भांजे बलराम सिंह मुंडा को पकड़कर थाना ले जाने के लिए गांव पहुंचे थे. महिला के अनुसार जब उन्होंने अपने भांजे को ले जाने का विरोध किया, तो एएसआई ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया.

मारपीट और कपड़े फाड़ने का लगाया आरोप

सोमवारी मुंडा ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर एएसआई यमुना राम ने उनके साथ डंडे से मारपीट की. उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. महिला द्वारा लगाए गए इन आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया. घटना से जुड़ा एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया.

वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया विभाग

घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया. सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई यमुना राम को तत्काल पुलिस लाइन हाजिर करने का आदेश जारी कर दिया. पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

ग्रामीणों में दिख रही नाराजगी

घटना के बाद रुचाप गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच नाराजगी देखी जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. ग्रामीणों का मानना है कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास कायम रखने के लिए ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई बेहद जरूरी है.

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निष्पक्ष जांच का भरोसा दे रहा प्रशासन

पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. फिलहाल, एएसआई यमुना राम को लाइन हाजिर कर दिया गया है और विभागीय जांच जारी है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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