खरसावां में 9 से 14 अप्रैल तक होगा चड़क पूजा का आयोजन

Seraikela Kharsawan News: खरसावां में 9 से 14 अप्रैल तक पारंपरिक चड़क पूजा का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान अलग-अलग तारीख पर घट यात्राओं के माध्यम से आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश

Seraikela Kharsawan News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां में पारंपरिक चड़क पूजा की तैयारी कर ली गई है. 9 से 14 अप्रैल तक पारंपरिक रुप से चड़क पूजा का आयोजन किया जाएगा.  चड़क पूजा के दौरान पारंपरिक घट यात्रा (कलश यात्रा) निकाली जाएगी.

पूजा का कार्यक्रम 

9 अप्रैल को रात साढ़े नौ बजे शुभ घट, 10 अप्रैल को शाम साढ़े सात बजे मथा घट, 10 अप्रैल को ही रात दस बजे दुर्गा मां की यात्रा घट, 11 अप्रैल शाम साढ़े सात बजे बृंदावनी, 12 अप्रैल शाम सात बजे शंकर जी का गरीया भार, 13 अप्रैल को रात्रि जागरण किया जाएगा. 14 अप्रैल को अहले सुबह तीन बजे मां काली की कालिका घट निकालने के बाद विसर्जन किया जाएगा. बताया गया है कि चड़क पूजा में निकलने वाले वृंदावनी घट रामगढ़ नदी से बाजारसाही के शिव मंदिर तक लाया जाएगा. जबकि अन्य पांच घटों को कुम्हार साही स्थित सोना नदी से बाजारसाही स्थित शिव मंदिर तक पहुंचाया जाएगा. 

राजा-राजवाड़ों के समय से हो रहा चड़क पूजा का आयोजन  

चड़क पूजा का आयोजन राजा-राजवाड़े के समय से होता आ रहा है. चड़क पूजा को चैत्र पर्व का धार्मिक पहलू माना जाता है. चड़क पूजा के दौरान शुभ घट निकलने के बाद ही चैत्र पर्व आयोजित की जाती है. मालूम हो कि आजादी से पूर्व राजा-राजवाड़े के समय चैत्र पर्व का आयोजन विशेष सरकारी कोष से होता था. 1947 में रियासतों अलग-अलग रियासतों के भारत गणराज्य में विलय के दौरान तत्कालिन राजा और सरकार के बीच हुए मर्जर एग्रिमेंट के बाद से ही चड़क पूजा समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन सरकारी खर्च से होता है. 

सरकारी खर्च से होता है चड़क पूजा का आयोजन

खरसावां में चड़क पूजा का आयोजन सरकारी खर्च से होता है. जानकारी के अनुसार चड़क पूजा पर करीब 40 हजार रुपया खर्च होती है. खरसावां अंचल कार्यालय के जरिए इस राशि को खर्च की जाती है. चड़क पूजा स्थानीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसे पूरे भक्ति भाव के साथ निभाया जाता है. खरसावां सीओ कप्तान सिंकु ने बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी चड़क पूजा का आयोजन किया जाएगा. चड़क पूजा के दौरान सदियों से चली आ रही परंपराओं का निर्वाह आस्था और भक्ति भाव के साथ किया जाएगा. सभी पारंपरिक रश्मों को निभाया जाएगा. सभी कार्यक्रम तय समय पर होंगे. 

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Published by: Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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