Seraikela Kharsawan News : वाहनों की रफ्तार लील रहीं जिंदगियां खून से लाल हो रहीं जिले की सड़कें

सड़क हादसों का सच: जिले में हर दो दिन में एक की जा रही जान

खरसावां. सरायकेला-खरसावां जिले की सड़कें तेज रफ्तार वाहन चालकों और ओवरलोड वाहन सवारों के लिए काल बनती जा रही हैं. आये दिन सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, जिससे कई मांओं की कोख सूनी और कई सुहागिनों के सुहाग उजड़ रहे हैं. सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में अधिकतर युवा हैं. तेज रफ्तार, शराब या नशीला पदार्थ सेवन कर वाहन चलाना और ओवरलोडिंग इसके मुख्य कारण हैं. जिले में स्पीड रडार गन का प्रयोग न होने से वाहन चालकों पर कोई अंकुश नहीं है.

साल-दर-साल बढ़ रहे सड़क हादसों के आंकड़े:

वर्ष 2023 में सड़क हादसों में 161 लोगों की मौत हुई थी. वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 166 हो गयी. वहीं 2025 के जनवरी से अक्तूबर तक 176 मौतें दर्ज की गयी हैं. यानी जिले में हर दो दिन में एक मौत हो रही है.

मुख्य सड़क मार्ग,जहां हादसे अधिक हो रहे हैं:

सरायकेला-आदित्यपुर, सरायकेला-चाईबासा, कांड्रा-चौका, हाटा-राजनगर-चाईबासा, एनएच 33 और एनएच 32.

बाइकर्स कर रहे स्टंट, खतरा बढ़ा:

सरायकेला थाना क्षेत्र में शाम के वक्त युवा खुले साइलेंसर वाली बाइक पर स्टंट करते हैं. इससे उनकी जान और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा खतरे में रहती है.

यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और कार्रवाई

उल्लंघन कार्रवाई

बिना हेलमेट बाइक चलाना, ट्रिपल राइडिंग, शराब/नशे में ड्राइव₹1,000 3 महीने ड्राइविंग लाइसेंस निलंबनबिना सीट बेल्ट वाहन चलाना ₹1,000बिना बीमा वाहन चलाना ₹2,000बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना ₹5,000

बिना रजिस्ट्रेशन वाहन चलाना ₹2,000बिना परमिट वाहन चलाना ₹10,000

18 साल से कम आयु वाले द्वारा 50 सीसी से अधिक इंजन वाला वाहन₹25,000 (अभिभावक पर)

अधूरा या बिना नंबर प्लेट ₹150

मालवाहक वाहन ओवरलोडिंग ₹20,000 ( प्रति टन ₹2,000)

यात्री वाहन ओवरलोडिंग ₹200 प्रति यात्री

खतरनाक तरीके से पार्किंग ₹150

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लेखक के बारे में

Author: ATUL PATHAK

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