मकई की खेती करें किसान, एमएसपी पर खरीदेगी केंद्र सरकार, सरायकेला-खरसावां में बोले अर्जुन मुंडा

अर्जुन मुंडा ने कहा कि मकई से इथेनॉल बनाया जायेगा. इसके वेस्टेज का पशु चारा के रूप में उपयोग होगा. इथेनॉल और पेट्रोल मिलाकर बायोगैस बनेगा, जिससे वाहन चलेंगे.

खरसावां विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर गुरुवार (14 मार्च) को पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि केंद्र सरकार सरायकेला-खरसावां जिले में मकई के उत्पादन को बढ़ावा देगी. इसके लिए किसानों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जायेगा. कहा कि किसान मक्के का अधिक से अधिक उत्पादन करें. किसानों से एमएसपी दर पर सरकार मकई की खरीदारी करेगी.

मकई से बनेगा इथेनॉल : अर्जुन मुंडा

जिले के किसानों द्वारा उत्पादित मकई से इथेनॉल बनाया जायेगा. साथ ही इसके वेस्टेज का पशु चारा के रूप में उपयोग किया जायेगा. इसके बाद इथेनॉल और पेट्रोल मिलाकर बायोगैस तैयार किया जायेगा, जिससे गाड़ियां चलेंगी. यह काफी किफायती होगा.

कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा से मिले किसान.
  • खरसावां व कुचाई के किसानों से मिले केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा
  • मकई से बनेगा इथेनॉल, बायोगैस से चलेंगी गाड़ियां : कृषि मंत्री

मकई की खेती में कम होती है पानी की खपत

अर्जुन मुंडा ने कहा कि मकई की खेती में पानी का कम उपयोग होता है. किसान धान के साथ-साथ मकई की खेती भी आसानी से कर सकेंगे. किसान को अगर अपनी फसल का खुले बाजार में अधिक दाम मिले, तो वहां भी बेच सकते हैं.

किसान ने अर्जुन मुंडा को भेंट में दी ऑर्गेनिक मकई

इसी क्रम में कुचाई (दलभंगा गांव) के किसान कार्तिक स्वांसी ने अपने खेत में उपजायी गयी ऑर्गेनिक मकई भेंट की. केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस अवसर पर कहा कि मकई की खेती बढ़ेगी, तो किसानों का रोजगार बढ़ेगा. उनकी कमाई बढ़ेगी.

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झारखंड से होगा पूर्वी भारत में शहद क्रांति का आगाज

केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि पूर्वी भारत में शहद क्रांति का आगाज झारखंड से होने जा रहा है. राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान नामकुम, रांची में अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्याधुनिक शहद टेस्टिंग लैब स्थापित होगी. इसका लाभ कोल्हान के किसानों को भी मिलेगा.

किसानों को संबोधित करते अर्जुन मुंडा.

शहद को भी मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के हनी हब बनने से शहद उत्पादक हजारों किसानों को घरेलू बाजार में विस्तार के साथ निर्यात के भी अवसर मिलेंगे. झारखंड एवं आस-पास के राज्यों बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा के शहद को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अत्याधुनिक वृहद शहद परीक्षण प्रयोगशाला व अन्य परियोजनाओं की स्वीकृति दी है.

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By Mithilesh Jha

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