सरायकेला-खरसावां : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत राजखरसावां रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तेजी से पुनर्विकास किया जा रहा है. करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. इसकी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में खूंटी सांसद कालीचरण मुंडा के सवाल के लिखित जवाब में दी.
नया स्टेशन भवन, लिफ्ट-एस्केलेटर और 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज
रेल मंत्री ने बताया कि पुनर्विकास योजना के तहत राजखरसावां स्टेशन पर नया स्टेशन भवन बनाया जा रहा है. इसके साथ आधुनिक प्रतीक्षालय, पार्किंग, परिसंचारी क्षेत्र (सर्कुलेटिंग एरिया), प्लेटफॉर्म का विस्तार और 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज (एफओबी) तैयार किया जाएगा. यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, स्टेशन का सौंदर्यीकरण और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं. फिलहाल स्टेशन पर उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म, पेयजल और यात्री शेल्टर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं.
सांसद के सवाल पर मिला जवाब
सांसद कालीचरण मुंडा ने लोकसभा में पूछा था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त 2023 को राजखरसावां रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी. इसके जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1,340 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है, जिनमें झारखंड के 57 स्टेशन शामिल हैं.
इन स्टेशनों में राजखरसावां के अलावा चाईबासा, चक्रधरपुर, चांडिल, सीनी, टाटानगर और रांची जैसे प्रमुख स्टेशन भी शामिल हैं. मंत्रालय के अनुसार, झारखंड में अब तक 15 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा किया जा चुका है.
रेल परिचालन के बीच निर्माण कार्य बड़ी चुनौती
रेल मंत्री ने बताया कि पुराने रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के दौरान नियमित रेल परिचालन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. इसके अलावा बिजली और सिग्नल लाइनों का स्थानांतरण, यात्रियों की आवाजाही को प्रभावित किए बिना निर्माण कार्य करना तथा अन्य तकनीकी कारणों से कई बार परियोजनाओं की गति प्रभावित होती है.
झारखंड के रेलवे विकास के लिए 1,199 करोड़ रुपये का प्रावधान
रेल मंत्रालय ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों का वित्तपोषण 'योजना शीर्ष-53 (ग्राहक सुविधाएं)' के माध्यम से किया जा रहा है. वित्त वर्ष 2026-27 में झारखंड से जुड़े रेलवे जोनों के लिए 1,199 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. इनमें से जून 2026 तक 526 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.
