खरसावां : समेकित जनजातीय विकास अभिकरण की ओर से सरायकेला- खरसावां जिला के आदिवासी बहुल गांवों में लिफ्ट इरीगेशन के जरिये खेतों तक पानी पहुंचाने की कवायद तेज हो गयी है. डीप बोरिंग से लिफ्ट इरीगेशन के जरिये खेतों तक पानी पहुंचा कर गांव को हरा-भरा करने का प्रयास किया जा रहा है.
कल्याण विभाग की ओर से कराये जा रहे लिफ्ट इरीगेशन का कार्य अंतिम चरण में है. उक्त योजनाएं पांच-पांच लाख रु पये से चल रही है, जो कि अब अंतिम चरण में है.
इसके चलने से निश्चित ही क्षेत्र के किसानों के अलावा ग्रामीणों को भी सिंचाई की समस्या से निजात मिल सकेगा. इसके पीछे सरकार का उद्देश्य है कि उक्त लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से गांव के लोग सब्जी जैसी अन्य व्यावसायिक खेती कर स्वरोजगार से जुड़ सके.
ये योजनाएं राजनगर प्रखंड के जुमाल, रोड़ा, झलक, टियासारा, ईटापोखर, गोविंदपुर, बघरायसाई, गामदेसाई, रोला, कुडमा, बतरबेड़ा, केसरसोरा, नामीबेड़ा, कुडीह, बलरामपुर, छोटाकुनाबेड़ा, धुरीपदा, बीटा, सालगाड़िया व भुरसा गांव में चल रही है.
गम्हरिया प्रखंड के उदयपुर, भदुवागोड़ा, विश्रमपुर, सालमपाथर व उकाम, सरायकेला प्रखंड के तुमसा, बड़ावाना, जिलिंगबुरू, स्वादा, टोला मनोहरपुर, कुचाई प्रखंड के दुरूसाई प्रधान टोला, तिलोपदा, छोटा अरूवां, बड़ाचाकड़ी, विरगामडीह, चांडिल प्रखंड के चाकुलिया, धानुडीह, डांगरडीह, कपाली व चौका तथा ईचागढ़ प्रखंड के दुबराजपुर, सोडो, पुरानडीह मोड़ के सामने, आताडग्राम- आताड़, टीकर व डुमरा में उक्त योजनाएं चल रही है, जिनका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है.
