नीमडीह : प्रसिद्ध जयदा मंदिर की पहुंच पथ पर स्थित पुलिया धंसने की कगार पर है. तीन दिनों से हो रही बारिश से सुवर्णरेखा नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है. पानी की धार से पुलिया के किनारे की मिट्टी कट रही है, जिससे पुलिया कमजोर हो गयी है. फिलहाल दोपहिया वाहन व पैदल मंदिर पहुंचा जा सकता है.
सड़क के नीचे लगभग पांच फिट तक मिट्टी कट गयी है. जयदा मंदिर के महंत केशवानंद सरस्वती ने कहा कि प्रतिदिन सैकड़ों शिव भक्त मंदिर में पूजा–अर्चना के लिए आते हैं. पुलिया क्षतिग्रस्त होने से भक्तों को मंदिर में आने में काफी कठिनाई होगी. अगर अविलंब प्रशासन पुलिया की मरम्मत के लिए ठोस कदम नहीं उठाता है, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
तालाब और खेत लबालब
राजनगर : प्रखंड क्षेत्र की सभी तालाब व खेतों पानी भर गया है. वहीं सभी छोटी–बड़ी नदियां उफान पर हैं. बीते दस दिन पहले जो वर्षा हुई थी, उसमें किसानों द्वारा खेतों में काड़हन का कार्य समाप्त कर लिया गया था.
बीते सोमवार की रात से रुक–रुक कर बारिश से सभी तालाब व खेत पानी–पानी हो गये हैं. इस दौरान कहीं से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.
खरसावां हुआ पानी–पानी
खरसावां : तीन दिनों से रुक–रुक कर हो रही बारिश से खरसावां पानी–पानी हो गया है. रिमझिम बारिश के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुहाल हो गया है.
शहरी क्षेत्र में जल जमाव से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. शहरी क्षेत्र में ड्रेनेज की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जल जगह–जगह जल जमाव हो गया है. जल जमाव लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है. बेहरासाही सामुदायिक भवन से लेकर तलसाही तक मुख्य सड़क पर जगह–जगह पानी जमा हो गया है. इससे राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
