Seraikela Kharsawan News : साल दर साल बढ़ रहे सड़क हादसे, 2025 में 220 लोगों की गयी जान

जिले में सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय, 2024 के मुकाबले 2025 में 27% अधिक मौतें

खरसावां.

सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसके बावजूद भी सरायकेला-खरसावां जिला में सड़क दुर्घटना की संख्या में कमी नहीं आ रही है. जिला में साल दर साल सड़क हादसे बढ़ रहे हैं. इससे लोगों की जान-माल की क्षति हो रही है. मौत के आंकड़ें डरावने हैं. आंकड़ों पर गौर करें, तो वर्ष 2025 में जिले में 253 सड़क दुर्घटनाओं में 220 लोगों ने जान गंवायी है, जबकि 345 घायल हुए.

रफ्तार व लापरवाही से हर महीने औसतन 19 मौतें

जिले में जर्जर सड़कें, वाहनों की रफ्तार व चालकों की लापरवाही से प्रत्येक माह औसतन 19 लोगों की जान जा रही है. जिले की कई सड़कों पर गड्ढे बने हुए हैं. वहीं, जहां अच्छी सड़क है, वहां तेज रफ्तार व ओवरलोडिंग से हादसे हो रहे हैं. जिला प्रशासन के लिए हादसों पर अंकुश लगाना बड़ी चुनौती है. वर्ष 2024 के मुकाबले वर्ष 2025 में करीब 27 प्रतिशत अधिक लोग सड़क हादसों में अपनी जान गवां चुके हैं. वर्ष 2024 में 173 लोगों की जान गयी थी. वहीं, वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 220 हो गया है. 2023 में 153, 2022 में 161, 2021 में 145 लोग शिकार हुए हैं.

दुर्घटना वाले प्रमुख क्षेत्र

सरायकेला से आदित्यपुर, सरायकेला से चाईबासा, कांड्रा-चौका, हाता-राजनगर-चाईबासा व चांडिल के एनएच 33 व एनएच-32 में अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं. ओवर स्पीड व यातायात नियमों की अनदेखी के कारण ज्यादातर दुर्घटनाएं हुई हैं. बिना हेलमेट बाइक चलाना, ट्रिपल राइडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव जैसी लापरवाही के कारण हादसे बढ़ रहे हैं.

स्टंटबाजी बड़ा खतरा

जिले में सड़क हादसों में वृद्धि का एक कारण युवाओं द्वारा बाइक पर स्टंट करना भी है. शाम होते ही सड़कों पर कई बाइकर्स खुलेआम स्टंट करते देखे जाते हैं. इससे दूसरे वाहन चालक को भी खतरा होता है. प्रेशर हॉर्न, तेज आवाज वाले साइलेंसर और ध्वनि प्रदूषण भी गंभीर समस्या हैं.

आठ वर्षों में हुई दुर्घटनाएं व मौत

वर्ष दुर्घटना मौतघायल

2018 182 121 87

2019 226165 118

2020 171124 88

2021181 14584

2022 215161 118

2023209 153 126

2024 198 173 90

2025 253 220 345

वर्ष 2025 में हुई मौतें

माह मौतें

जनवरी 15

फरवरी 20

मार्च 21

अप्रैल 18

मई 20

जून 13

जुलाई 26

अगस्त 19

सितंबर 12

अक्तूबर 17

नवंबर 25

दिसंबर 14

जिम्मेवार से सीधी बात

सवाल : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को क्या उपाय किये जा रहे हैं

जवाब :

जिले में मुख्य रूप से चांडिल में एनएच-32 व 33 व चाईबासा-राजनगर-हाता स्थित एनएच में ज्यादातर दुर्घटनाएं होती है. इन दोनों मार्गों पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये प्रशासनिक पहल शुरु कर दी गयी है. सर्वे करा कर कार्य योजना तैयार किया गया है. आवश्यकता अनुसार स्पीड ब्रेकर, लाइट, रिफ्लेक्टिव ग्लास आकलन किया गया है. अगले एक माह के भीतर इसे इंप्लीमेंट कर दिया जायेगा. इस दिशा में कुछ काम शुरु भी कर दिये गये है. एनएच-33 में भी तीन प्वाइंट पर काम करने का प्रस्ताव भेजा गया है. जिला स्तर पर गठित समिति लगातार फील्ड विजिट कर स्थिति की जानकारी ले रही है. जहां भी कमियां है, उनका निराकरण किया जायेगा.

सवाल : किन कारणों से सड़क हादसों के मामले बढ़ रहे हैं ?

जवाब :

सड़क दुर्घटनाओं के अलग अलग कारण सामने आ रहे हैं. यातायात नियमों का अनुपालन कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसके लिये सड़क सुरक्षा के तहत जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है. लोगों को यातायात नियमों का अनुपालन कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है.

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