प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ यौन शोषण करने के दोषी सुशांत कुमार महतो को 22 वर्ष की कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी. आरोपी के खिलाफ अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर पॉक्सो एक्ट तहत सजा सुनायी है.
क्या था मामला:
पीड़िता ने अभियुक्त सुशांत कुमार महतो के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था. मामले में कहा गया कि पीड़िता वर्ष 2016 में जब नौवीं कक्षा में पढ़ती थी, उस समय उसकी दोस्ती आरोपी के साथ हुई. आरोपी ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर वर्ष 2021 तक उससे शारीरिक संबंध बनाया. 2021 में आरोपी की शादी दूसरी लड़की से तय हो गयी. इस पर पीड़िता ने जब आरोपी से उसके साथ शादी करने की बात कही, तो उसने बात को टाल दिया और उसके साथ झगड़ा करने लगा. पीड़िता के माता-पिता को जब झगड़े की बात पता चला तो सारी घटना उसने बतायी. इसके बाद वर्ष 2021 में न्यायालय में परिवाद दायर किया गया व कोर्ट के निर्देश पर नीमडीह थाना में मामला दर्ज किया गया.
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