ओवरटेक करने में हुई टक्कर और चली गयी पांच की जान

सरायकेला में दुर्घटना. शोक में डूबा बिजली विभाग सरायकेला : चाईबासा से ट्रांसफॉर्मर चार्ज कर जमशेदपुर लौट रहे गम्हरिया ग्रिड में पदस्थापित बिजली विभाग के दो अधिकारियों सहित पांच कर्मियों की दुर्घटना में मौत के बाद बिजली विभाग का कार्यालय शोक में डूब गया. दुर्घटना सरायकेला-कांड्रा मुख्य मार्ग पर डीएसपी आवास के पास शुक्रवार रात […]

सरायकेला में दुर्घटना. शोक में डूबा बिजली विभाग

सरायकेला : चाईबासा से ट्रांसफॉर्मर चार्ज कर जमशेदपुर लौट रहे गम्हरिया ग्रिड में पदस्थापित बिजली विभाग के दो अधिकारियों सहित पांच कर्मियों की दुर्घटना में मौत के बाद बिजली विभाग का कार्यालय शोक में डूब गया. दुर्घटना सरायकेला-कांड्रा मुख्य मार्ग पर डीएसपी आवास के पास शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे उस समय हुई, जब उनकी बोलेरो के चालक ने ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की. इस दौरान बोलेरो की सामने से आ रहे दूसरे ट्रक से सीधी टक्कर हो गयी. सहायक अभियंता अमित कुमार दुबे (32), कनीय अभियंता विपिन बिहारी सिंह (30), तकनीशियन गणेश महतो (39) और खलासी रंजीत कुमार चौधरी (28) की मौके पर ही मौत हो गयी. पारसनाथ चौथंबा (27) की मौत एमजीएम अस्पताल में हुई. घायल चालक शंकर लोहार का इलाज टीएमएच में चल रहा है,
जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.
रात 10.30 बजे निकले थे जमशेदपुर के लिए : चाईबासा के बाइपास स्थित सिकुरसाई में लगे नये ट्रांसफॉर्मर को चार्ज करने के लिए शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सहायक व कनीय अभियंता, तकनीशियन, दो खलासी व चालक के साथ चाईबासा गये थे. रात करीब 10 बजे तक काम पूरा हुआ था. रात 10.30 बजे सभी विभागीय की बोलेरो (जेएच05सीबी3638) से जमशेदपुर के लिए रवाना हुए थे. सभी जमशेदपुर कार्यालय में रिपोर्ट करने के बाद आदित्यपुर स्थित आवास जाने वाले थे.
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो का आधा से ज्यादा हिस्सा ट्रक (ओआर 09पी 9804) के अंदर जा घुसा. घटना में सहायक अभियंता अमित कुमार दुबे, कनीय अभियंता विपिन बिहारी सिंह, तकनीशियन गणेश महतो व अकुशल खलासी रंजीत चौधरी की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी.
पारसनाथ चौतंबा व चालक शंकर गंभीर रूप से घायल हो गये. सूचना के बाद पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने बोलेरो में फंसे दो घायलों व एक मृतक को बाहर निकाला. इसके बाद तीन अन्य के शवों को गैस कटर की मदद से बोलेरो के अगले हिस्से को काट कर घंटों बाद निकाला गया. प्रारंभिक इलाके बाद पारसनाथ चौतंबा व चालक शंकर को डाॅक्टरों ने एमजीएम रेफर कर दिया गया, जहां पारसनाथ चौतंबा की मौत हो गयी. चालक शंकर लोहार को एमजीएम से टीएमएच रेफर किया गया है. घटना के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गया.
एक वर्ष पहले हुई थी जेई विपिन की नियुक्ति
कनीय अभियंता विपिन बिहारी सिंह की नियुक्ति एक वर्ष पहले इसी कार्यालय में हुई थी. जबलपुर के रहनेवाले विपिन अविवाहित थे
सहायक अभियंता अमित कुमार दुबे समस्तीपुर बिहार के रहनेवाले थे. परिवार संग विभागीय कॉलोनी आदित्यपुर में रहते थे
– तकनीशियन गणेश महतो रामगढ़ के पतरातू के रहनेवाले थे. परिवार के साथ विभागीय कॉलोनी में रहते थे.
– अकुशल खलासी रंजीत कुमार चौधरी जादूगोड़ा के रहने वाला था जबकि पारस नाथ चौतंबा केंदपोसी झींकपानी का रहने वाला था
घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था गणेश
मृतक गणेश महतो के बड़े भाई ईश्वर महतो ने बताया कि गणेश घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था. परिवार चलाने की जिम्मेदारी उसके ऊपर ही थी. रामगढ़ जिले के पतरातु थानांर्तगत कटिया गांव निवासी गणेश महतो आदित्यपुर में रहता था. परिजन गांव में ही रहते हैं. पोस्टमार्टम के पश्चात गणेश महतो के शव को उनके पैतृक गांव ले जाया गया.
रात 10 बजे के बाद खुल जाती है नो इंट्री
आदित्यपुर-सरायकेला-चाईबासा सड़क पर रात्रि दस बजे के बाद नो इंट्री खुल जाती है, जो सुबह छह बजे तक रहती है. अधिकतर ट्रक जमशेदपुर से सरायकेला होते हुए चाईबासा, नोवामुंडी, बड़ाजामदा सहित अन्य स्थानों पर जाते हैं.
गम्हरिया ग्रिड के थे सभी, चाईबासा से ट्रांसफॉर्मर चार्ज कर लौट रहे थे
गैस कटर से वाहन काट कर निकाले गये शव
मरनेवालों में सहायक व कनीय अभियंता भी
तकनीशियन व दो खलासी की भी गयी जान
खलासी ने एमजीएम अस्पताल में तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल चालक का टीएमएच में चल रहा इलाज
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार ने सरायकेला थाने में ट्रक चालक के खिलाफ दर्ज करायी प्राथमिकी
जिनकी हुई मौत
एई अमित कुमार दुबे, भागवतपुर, समस्तीपुर
जेई विपिन बिहारी सिंह, जबलपुर, मध्यप्रदेश
तकनीशियन गणेश महतो, पतरातू, रामगढ़
अकुशल खलासी रंजीत कुमार चौधरी, जादूगोड़ा
पारस नाथ चौतंबा, केंदपोसी, झींकपानी
एक आश्रित को नौकरी व परिजनों को सेवाकाल तक का वेतन
बिजली विभाग के महाप्रबंधक अरुण प्रसाद, चाईबासा सर्किल के अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार सिंह, सरायकेला अंचल के सहायक अभियंता अखिलेश्वर प्रसाद, संदीप कुमार पासवान के अलावे कई विभाग के पदाधिकारी पहुंचे व घटना की जानकारी हासिल की. महाप्रबंधक अरुण प्रसाद ने कहा : विभाग को बड़ी क्षति पहुंची है. मृत कर्मियों को सरकारी प्रावधान के तहत सभी प्रकार का मुआवजा मिलेगा. ड्यूटी के दौरान दुर्घटना हुई है. इसलिए परिजनों को सेवाकाल तक का वेतन, एक आश्रित को नौकरी सहित अन्य सुविधाएं भी दी जायेंगी.
डीसी-एसपी पहुंचे, घायलों को अस्पताल भिजवाया
दुर्घटनास्थल डीसी व एसपी आवास से महज 200 मीटर की दूरी पर है. उपायुक्त छवि रंजन, पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी संदीप दुबे, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार समेत अन्य कई पदाधिकारी देर रात तक घटनास्थल पर जमे रहे. एसडीओ ने खुद ही वाहन से शवों को बहार निकालने में मदद की.

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