आेपीडी सेवाएं ठप, 250 मरीज बिना इलाज के लौट गये

जामताड़ा सीएस से मारपीट के विरोध में हड़ताल पर रहे डॉक्टर इमरजेंसी व पोस्टमॉर्टम सेवा रहीं चालू डॉक्टरों ने कहा-हमारी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाये सरकार सरायकेला : जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में सोमवार को झासा के बैनर तले जिले के चिकित्सक हड़ताल […]

जामताड़ा सीएस से मारपीट के विरोध में हड़ताल पर रहे डॉक्टर

इमरजेंसी व पोस्टमॉर्टम सेवा रहीं चालू
डॉक्टरों ने कहा-हमारी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाये सरकार
सरायकेला : जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में सोमवार को झासा के बैनर तले जिले के चिकित्सक हड़ताल पर रहे. इस दौरान जिला सदर अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ओपीडी सेवा बाधित हुई. वहीं इमरजेंसी व पोस्टमाॅर्टम सेवा चालू था. झासा के जिला अध्यक्ष सह सिविल सर्जन डॉ एपी सिन्हा ने कहा कि जामताड़ा के सीएस डॉ विनोद कुमार के साथ मारपीट की घटना का झासा जिला इकाई निंदा करती है.
दोषियों की गिरफ्तारी के लिए झासा ने सरकार को 24 फरवरी तक अल्टीमेटम दिया था लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं. इसी के विराेध में सोमवार को डॉक्टरों ने हड़ताल की. मरीजों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी व पोस्टमाॅर्टम सेवा चालू रखा गया था.
हड़ताल से बैरंग लौटे मरीज
सदर अस्पताल में प्रतिदिन दूर-दराज व आसपास के लगभग 250 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे. ओपीडी सेवा बंद होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा. हालांकि कुछ मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी में जांच की गयी.
डॉक्टरों की सुरक्षा हो सुनिश्चित
वरीय शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मिथिलेश कुमार ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए डॉक्टरों को ठोस कदम उठाना चाहिए. आये दिन इस तरह की घटना से डॉक्टर भयभीत है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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