दुकान कम करने को सरकार बेच रही शराब

सरायकेला. ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक, मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा सरकार द्वारा शराब बेचे जाने को लेकर मंत्री व झामुमो विधायकों का अलग-अलग मत सरायकेला : ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में शुक्रवार को भाग लेने सरायकेला पहुंचे ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि पहले चरण में शराब […]

सरायकेला. ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक, मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा

सरकार द्वारा शराब बेचे जाने को लेकर मंत्री व झामुमो विधायकों का अलग-अलग मत
सरायकेला : ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में शुक्रवार को भाग लेने सरायकेला पहुंचे ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि पहले चरण में शराब की दुकानों को कम करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा शराब बेचा जा रहा है.
एक अगस्त के बाद से सूबे में शराब की दुकानें पहले की अपेक्षा आधा से कम हो गयी है. मंत्री ने कहा कि शराब से होने वाले नुकसान व बंदी को लेकर सरकार लोगों को जागरूक कर रही है. कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य में पूर्ण रूप से शराब बंदी की जायेगी. वहीं बैठक में पहुंचे कोल्हान के विधायकों ने भी अपनी राय दी.
नेपाल हाउस व सचिवालय में भी खुले शराब की काउंटर: कुणाल
बहरागोड़ा विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि अबकी बार शराबी सरकार वर्ष 2019 में सरकार का मुख्य नारा होगा. श्री षाड़ंगी ने कहा कि सरकार नेपाल हाउस व सचिवालय में भी शराब दुकान का काउंटर खोल दे ताकि कर्मचारियों को आसानी से शराब मिले और सरकार को राजस्व.
शराब बेचना सरकार की दोहरी नीति: दशरथ
खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि सरकार शराब बेचकर दोहरी नीति अपना रही है. एक ओर राज्य सरकार शराब मुक्त पंचायत को एक लाख रुपये इनाम देने की बात करती है और दूसरी तरफ सरकार गांव गांव में शराब बेचने का कार्य कर रही है.
आदिवासी मूलवासी को मारने का काम कर रही सरकार: दीपक
चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कि सरकार शराब बेचकर यहां के आदिवासी मूलवासी को मारने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में शराबबंदी की मांग जोर पकड़ने लगी है वहीं सरकार ने राज्य में शराब बेचकर भाजपा के चेहरे को उजागर करने का काम किया है.
झारखंड का मुख्यमंत्री होता तो ऐसा नहीं करता: शशिभूषण
चक्रधरपुर विधायक शशिभूषण सामड ने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास अगर झारखंड के होते तो कभी ऐसा नहीं करते. वे भाड़े के मुख्यमंत्री है इसलिए राज्य के आदिवासी मूलवासियों को शराब पिलाकर मारना चाहते है.
शराब बेचने के लिए सरकार को नहीं मिला जनादेश: निरल
मझगांव विधायक नीरल पूर्त्ति ने कहा कि राज्य सरकार को विकास के लिए जनादेश मिला है. सरकार को राज्य में शराब बेचने के लिए जनादेश नहीं मिला है. इसलिए सरकार शराब बेचने के निर्णय को वापस ले अन्यथा शराब बंदी को लेकर आंदोलन किया जायेगा.
आदिवासियों के विनाश करने का षड़यंत्र: चंपई
सरायकेला के झामुमो विधायक चंपई सोरेन ने कहा कि सरकार शराब बेचकर यहां के आदिवासी मूलवासियों का समूल विनाश करना चाहती है. उन्होंने कहा कि आरएसएस के इशारे पर सरकार राज्य में नशा बढ़ाकर आदिवासी मूलवासियों को अपने अधिकार से बेदखल करना चाहती है. झामुमो सरकार द्वारा शराब बेचने का विरोध करते हुए जन आंदोलन करेगी.

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