आदिवासी महाकुंभ. गंगा स्नान के साथ अपने धर्म गुरुओं के साथ लगाया अखाड़ा
भगवान शिव की आराधना करते हैं
By ABDHESH SINGH | Updated at :
साहिबगंज (फाइल फोटो)
राजमहल
राजकीय माघी पूर्णिमा मेला के अवसर पर आदिवासी श्रद्धालु अपने धर्मगुरु के साथ राजमहल गंगा तट पहुंचने लगे हैं. पूर्णिमा मुहूर्त से पूर्व ही गंगा स्नान के साथ अखाड़ा लगाकर पूजा-अर्चना शुरू कर दिए हैं. आदिवासी धर्मगुरु के साथ गंगा स्नान के उपरांत गंगा पूजन कर एक लोटा जल लेकर अखाड़ा पहुंचते हैं, जहां मरांग बुरू रूपी भगवान शिव की आराधना करते हैं. शुक्रवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं. मेला क्षेत्र में अनुमानित छोटे-बड़े 200 अखाड़ा लगाए जाते हैं. झारखंड के विभिन्न जिलाें के अलावा बिहार, बंगाल, ओडिशा एवं नेपाल से आदिवासी धर्मगुरु के साथ अनुयायी पहुंचते हैं. यह आदिवासियों के लिए महाकुंभ है.