बाजार समिति की निजी जमीन पर ही सब्जी मंडी व बाजार लगे

महाराजपुर में किसानों की सब्जी रखरखाव के लिए काेल्ड स्टोर व बाजार समिति की जमीन पर बने हुए जर्जर भवन व कटरा मरम्मत करते हुए पुनः बाजार समिति की निजी जमीन पर ही सब्जी मंडी व बाजार लगे

तालझारी. साहिबगंज जिले के तालझारी प्रखंड अंतर्गत कल्याणी पंचायत के बाजर समिति के समीप शनिवार को प्रभात खबर आपके द्बार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें गांव के बुद्धिजीवी, किसान व कृषि से जुड़े व्यवसायी शामिल हुए. प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम होने से लोगों ने एक उम्मीद के साथ अपनी सबसे बड़ी समस्या को सामने रखा. चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि महाराजपुर में किसानों की सब्जी के रखरखाव के लिए काेल्ड स्टोर व बाजार समिति की जमीन पर बने हुए जर्जर भवन व कटरा मरम्मत करते हुए पुनः बजार समिति की निजी जमीन पर ही सब्जी मंडी व बाजार लगे. बताया कि महाराजपुर बजार समिति का भवन व कटरा करीब 30 वर्ष पूर्व बना था परन्तु वर्तमान में भवन व कटरा पूरी तरह से जर्जर हो गया है जिसके कारण महाराजपुर का बाजार अब निजी जमीन पर लग रहा है. महाराजपुर में परवल, मिसरीकेन व सकरकेन की होती है उपज : किसानों व महाराजपुर के व्यापारियों ने बताया कि महाराजपुर में परवल, मिसरीकेन, सकरकेन, तरबूज की अच्छी पैदावार होती है. महाराजपुर के परवल बंगाल की तलहटी व बिहार के पटना तक बेचे जाते हैं. पूर्व में ट्रेन में बुकिंग की व्यवस्था रहने से यहां के किसान परवल, मिसरीकेन, सकरकेन जैसी चीजों को आसानी से भेजते थे, परंतु ट्रेन में बुकिंग सिस्टम बंद हो जाने से इन चीजों को दूर-दूर जगहों पर नहीं भेज पाते हैं. इससे पूर्व की तरह किसानों को अत्यधिक फायदा नहीं हो पाता है. बताया कि महाराजपुर में परवल, मिसरीकेन की सबसे बड़ी मंडी लगती है परंतु इसके रखरखाव के लिए क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज का होना बहुत जरूरी है. साथ साथ बाहर से आने वाले व्यापारी के लिए ठहरने के लिए किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं रहने से दूर के व्यापारी आने से कतराने लगे हैं. इस कारण यहां के किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. महाराजपुर बाजार समिति के लिए करीब दो दर्जन कटरा वर्षों पूर्व बना था जो पूरी तरह से जर्जर है. पूर्व में बाजार समिति द्वारा जहां सब्जी मंडी लगती थी, वहां पर व्यापारियों के लिए किसी प्रकार की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. कोल्ड स्टोरेज, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था नहीं है. महाराजपुर के स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि बाजार समिति की इतनी अच्छी जमीन रहने के बावजूद किसी दूसरे की निजी जमीन पर बाजार को लगना दुर्भाग्यपूर्ण बात है. बाजार समिति की निजी जमीन पर बने कटरा भवन की मरम्मत कराते हुए हर सुविधा उपलब्ध कराते हुए पुनः से बाजार समिति की जमीन पर बाजार लगे. महाराजपुर में परवल व मिसरीकेन की लगती है बड़ी मंडी : महाराजपुर में परवल व मिसरीकेन की बड़ी मंडी लगती है, परंतु महाराजपुर में किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं रहने के बाहर भेजने में परेशानी होती है. महाराजपुर गंगा नदी के सटे हुए रहने के कारण यहां परवल व मिसरीकेन की अच्छी उपज होती है परंतु महाराजपुर स्टेशन पर किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं रहने से यहां के किसानों को अपने सब्जियों को बाहर भेजने में काफी परेशानी होती है.

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Published by: Abdhesh singh

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