बरहेट
वर्तमान में ऊर्जा संरक्षण की चुनौती को देखते हुये विशेष रूप से सौर ऊर्जा पर फोकस किया जा रहा है. इसके लिये झारखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (जेरेडा) की ओर से सोलर कुकिंग योजना के तहत जिले के 32 स्थानों पर सोलर कुकिंग सिस्टम तैयार किया जायेगा. झारखंड सरकार की यह योजना जिले में मील का पत्थर साबित होगी. साहिबगंज, मंडरो, बोरियो, तालझारी, राजमहल, बरहेट, उधवा, पतना, बरहरवा आदि स्थानों के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के अलावा साहिबगंज कारागार (जेल), रेसिडेंशियल गर्ल्स स्कूल बरहेट, रेसिडेंशियल गर्ल्स स्कूल तालझारी, रेसिडेंशियल गर्ल्स स्कूल बोरियो, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल भोगनाडीह, रेसिडेंशियल ब्वॉयज स्कूल बांझी, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय, सर्किट हाउस साहिबगंज, मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल, दीदी कैफे, सीओ ऑफिस व कलेक्ट्रेट ऑफिस सहित 32 स्थान चिन्हित किये गये हैं. अधिकांशत: इनमें विद्यालय शामिल हैं. इन स्थानों पर सोलर कुकिंग सिस्टम लगाने से न सिर्फ इंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण से निजात भी मिलेगा.
सामुदायिक रसोइयों में प्रति वर्ष 40 एलपीजी सिलिंडरों की होगी बचत झारखंड सरकार स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिये प्रत्येक वर्ष 40 एलपीजी सिलिंडर देती हैं, जिससे लाखों रुपये का खर्च आता है. वहीं, सोलर कुकर से भोजन पकाने की यह योजना सबसे व्यवहारिक एवं सतत विकल्प है, जो भोजन का पोषण बनाये रखने के साथ-साथ कम लागत और पर्यावरण-अनुकूल परिचालन जैसे प्रमुख लाभ प्रदान करता है. सामुदायिक रसोइयों में सोलर कुकर उपयोग होने से प्रति वर्ष लगभग 35 से 40 एलपीजी सिलिंडरों की बचत की जा सकेगी. सौर ऊर्जा से सोलर कुकर की बैटरी 4 घंटे में होगा चार्ज सोलर पैनल को छत के धूप वाली जगह पर लगाया जायेगा, जहां दिनभर सोलर पैनल के माध्यम से कुकर की बैटरी चार्ज होने के साथ-साथ भोजन भी तैयार होगा. सोलर पैनल सिस्टम से एक ओर जहां प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर रसोईयों को भोजन बनाने में राहत मिलेगी. इससे स्कूली बच्चों को पोषण युक्त खाना खाने को मिलेगा. इस कुकिंग सिस्टम में लगी बैटरी करीब चार घंटे में चार्ज हो जाती है, जिससे तीन टाइम का खाना आसानी से बनाया जा सकता है. जब इस सिस्टम की बैटरी डाउन होगी, तो ऑटोमेटिक पैनल से एनर्जी जनरेट होना शुरू हो जायेगा. इस पहल से रसोईयों को भोजन बनाने में कम समय लगेगा. साथ ही वरदान भी साबित होगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
