झारखंड के सहायक अध्यापकों को चाहिए बिहार के तर्ज पर वेतनमान : समसुल हक

पारा शिक्षक संघ के नेता बोले, समान कार्य, समान वेतन के लिए जल्द होगा बड़ा आंदोलन

साहिबगंज. झारखंड के सहायक अध्यापकों को बिहार के तर्ज पर वेतनमान देने की मांग को लेकर पारा शिक्षक संघ एक बार फिर आंदोलन की राह पर है. संघ के क्रांतिकारी नेता समसुल हक ने पत्रकारों से बात करते हुए साफ कहा कि अगर सरकार ने समय रहते वेतनमान की मांग नहीं मानी, तो सभी 58,000 सहायक अध्यापक सड़कों पर उतरेंगे और रांची की धरती को जाम करेंगे. उन्होंने कहा कि जब बिहार के सहायक शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान मिल सकता है, तो झारखंड के प्रशिक्षित, आकलन उत्तीर्ण, जेटीईटी और सीटीईटी पास सहायक अध्यापकों को क्यों नहीं? हमारे पास 20 से 22 वर्षों का कार्यानुभव है. हम सरकारी शिक्षकों के समान कार्य करते हैं, चाहे वह पढ़ाई हो, चुनाव ड्यूटी, बीएलओ, जनगणना या सर्वे का कार्य. समसुल हक ने आगे बताया कि सहायक अध्यापकों का ईपीएफ कट रहा है, सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) खुल चुकी है और शिक्षा समिति से सेवा संपुष्टि भी प्राप्त हो चुकी है. साथ ही विभाग द्वारा कई चरणों में प्रशिक्षण भी दिया गया है. ऐसे में सरकार की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि समान कार्य के बदले समान वेतन का सिद्धांत सभी पर लागू होना चाहिए. यह हमारी वैधानिक और नैतिक मांग है. अंत में उन्होंने कहा कि हमने बीते दो दशकों में बहुत कुछ खोया है. अब बिना वेतनमान के कोई समझौता नहीं होगा. यदि हमारी प्रदेश कमेटी ठोस रणनीति बनाये, तो सरकार को इस बार झुकना ही पड़ेगा.

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Published by: Abdhesh singh

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