छठ महापर्व की अनोखी परंपरा, मन्नतें पूरी होने पर महिलाएं घर-घर मांगकर करती हैं छठ

महिलाएं भिक्षा मांगकर अपना वचन पूरा करती हैं.

बरहरवा. छठ की महिमा निराली है. भगवान भास्कर की आराधना के इस महापर्व में आस्था के कई रूप देखने को मिलते है. इसी में से एक परंपरा घर-घर मांगकर (भिक्षा स्वरूप) छठ करने की है, जो बरहरवा शहर व आसपास के क्षेत्रों में सदियों से चली आ रही है. शहर के कुशवाहा टोला, नया टोला, लबदा, झिकटिया, जोगीटोला आदि गांवों की महिलाएं गंगा स्नान करके नहाय-खाय के एक दिन पूर्व दर्जनों की संख्या में अपने सिर पर बांस की टोकरी लेकर आस-पड़ोस के गांवों में घर-घर जाकर भिक्षा मांगती हैं. इस दौरान लोगों के द्वारा धान, पैसा, प्रसाद आदि दिया जाता है. जिसमें से कुछ धान को बेचकर और कुछ को कूटकर उनसे ठेकुआ, ऐरसा, पुआ आदि का प्रसाद बनाकर छठ व्रतियों द्वारा निष्ठापूर्वक श्रद्धाभाव से छठ किया जाता है. लबदा की लता देवी बताती हैं कि छठ महापर्व पर भिक्षा मांगकर छठ करने की परंपरा हमारे यहां सदियों से चली आ रही हैं. हमारे यहां छठ व्रतियों के द्वारा संतान प्राप्ति, नौकरी-चाकरी, परिवार की सुख-शांति आदि के लिये मांगी गयी मनौती पूरी होने पर महिलाएं भिक्षा मांगकर अपना वचन पूरा करती हैं.

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By Abdhesh singh

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