बीडीओ के निरीक्षण में बंद पाये गये तीन स्वास्थ्य उपकेंद्र, कर्मियों का काटा एक दिन का वेतन, पूछा स्पष्टीकरण

ग्रामीण व सुदूरवर्ती क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की खुली पोल

पतना

ग्रामीण व सुदूरवर्ती क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधित बुनियादी सेवाएं व मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं को और बेहतर उपलब्ध करने के उद्देश्य संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्र (सब-सेंटर) की व्यवस्था खुद बीमार है. दरअसल, इसकी पोल पतना बीडीओ सह सीओ कुमार देवेश द्विवेदी के औचक निरीक्षण में खुली. सोमवार को बीडीओ ने 4 उप स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया. जिसमें तीन बंद पाये गये. जिस पर बीडीओ ने तीनों उप स्वास्थ्य केंद्र के संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण भी किया है. सोमवार को पतना बीडीओ कुमार देवेश द्विवेदी ने प्रखंड के शिवापहाड़, तालझारी पंचायत के बासकोला व पतरापाड़ा एवं शहरी पंचायत के ईटापोखर स्थित स्वास्थ्य उप केंद्र(एचएससी) का औचक निरीक्षण किया. जहां शिवापहाड़ स्वास्थ्य उपकेंद्र खुला पाया गया. इसके अलावे बांसकोला, पतरापाड़ा व ईटापोखर केंद्र में ताला लटका पाया. इस दौरान बीडीओ ने स्वास्थ्य उप केंद्र के खुलने, स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने एवं स्वास्थ्य कर्मियों के उपस्थित के संबंध में स्थानीय ग्रामीणों से जानकारी भी ली. बताते चले की बीते 16 मई को सरकारी योजनाओं की जांच हेतु बीडीओ के द्वारा गठित टीम के द्वारा मोदीकोला पंचायत के केसरो गांव स्थित स्वास्थ्य उप केंद्र का निरीक्षण किया गया था. जिसमें केंद्र बंद पाये गये थे. जिस पर बीडीओ ने संबंधित स्वास्थ्य कर्मी के वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण जारी किया था. उक्त कार्रवाई के बाद भी सोमवार को बीडीओ के निरीक्षण में तीन स्वास्थ्य उप केंद्र में ताला लटका मिलने से ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. सरकार ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. अगर क्षेत्र के बाकी अन्य स्वास्थ्य उप केंद्र का औचक निरीक्षण किया जाए तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे. बीडीओ श्री दृवेदि ने बताया कि निरीक्षण में बांसकोला व शहरी स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद पाया गया. वहीं, पतरापाड़ा केंद्र भी बन्द पाया गया. जोकि मेरे आने के बाद कर्मी केंद्र में उपस्थित हुआ. जिस पर तीनों केंद्र के स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण किया गया है. जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.

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Published by: Abdhesh singh

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