फरक्का ब्रिज बनने के बाद साहिबगंज के कारोबार पर पड़ा असर, पर्यटन व खेती पर जोर देने की जरूरत

संथाल परगना के क्षेत्रीय अधिवेशन में स्वागत भाषण देते बोले साहिबगंज शाखा के अध्यक्ष

साहिबगंज. चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज रांची के तत्वावधान में संथाल परगना क्षेत्रीय अधिवेशन रविवार को साहिबगंज के उत्सव बैंक्विट हॉल सभागार में आयोजित किया गया. शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष परेश गट्टानी व महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने किया. स्वागत भाषण में शाखा अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि उद्योग और व्यवसाय के मामले में किसी जमाने में साहिबगंज की पहचान देश-विदेश में थी. पर फरक्का में गंगा पुल बनने के बाद धीरे-धीरे साहिबगंज का उद्योग धंधे और व्यवसाय बंद होता चला गया. औद्योगिक मानचित्र पर धीरे-धीरे साहिबगंज खत्म हो गया. कहा कि यहां उद्योग-धंधे स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं. जरूरत है इस दिशा में ईमानदार प्रयास के साथ-साथ चेंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े पदाधिकारी के सहयोग करने की. साहिबगंज की पहाड़ों में प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा और जड़ी बूटी है. नगर परिषद के कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसमें सुधार की आवश्यकता पर बल दिया. कहा कि नगर पालिका ने व्यवसायियों पर जबरन कई ऐसे टैक्स लगा रखे हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है. इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है. मंच संचालन संरक्षक नवीन भगत ने किया. अधिवेशन में शामिल विभिन्न जिलों और राज्य पदाधिकारियों को मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया. इसके पहले प्रदेश, संथाल परगना और साहिबगंज के पदाधिकारियों ने सुबह 9 बजे बघवा कुआं शहीद स्थल से पैदल मार्च आदिवासी नृत्य के साथ निकाला गया. इस दौरान शहर में स्थापित विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया गया. मौके सचिव विकास विजय वर्गीय, रोहित अग्रवाल, राकेश गुप्ता, रोहित पोद्दार, संजय अखोरी, संजय भुवानीया, संजय दीवान, अजय डोकानिया, राहुल जायसवाल, सोनेलाल गुप्ता, शुभम तिवारी, अमित शर्मा, शैलेश अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, प्रमोद शाश्वत, उदय शंकर दुबे, रमेश कुमार, राजेश अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, संजय अग्रवाल, प्रीतम गाडिया, आलोक मल्लिक, संदीप दीवान, गोपाल कृष्ण शर्मा, निरंजन कुमार सिंह, रवि केशरी, सचिव अंकित अग्रवाल, मोहित बेजराजका, मनोज घोष, मुस्ताक अली, संजीव खतरी, कामरान, जाहिद खान, विवेक कुमार, पिंटू कुमार साह, राहुल जयसवाल, अफताब आलम, राकेश कुमार आदि मौजूद थे. मक्के की खेती बहुतायत होती है, बावजूद इंडस्ट्रियल इलाका नहीं होना दुख की बात : परेश गट्टानी साहिबगंज. अधिवेशन के दौरान ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज रांची के प्रदेश अध्यक्ष परेश गट्टानी ने महाअधिवेशन के आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि 2009 के बाद इस तरह का अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा जिले के डीसी हेमंत सती के प्रति आभार व्यक्त किया. कहा कि हाल के दिनों में उन लोगों के द्वारा जिस तरह से यहां के व्यवसायियों को सहयोग किया जा रहा है. आनेवाले दिनों में साहिबगंज के इलाके में व्यवसाय के लिए शुभ संकेत है. उन्होंने कहा कि यहां खनिज संपदा की प्रचुरता है. पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं. मक्के की खेती बहुतायत होती है. बावजूद इसके यहां इंडस्ट्रियल इलाका नहीं होना दुख का बात है. उन्होंने झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा से आग्रह करते हुए कहा कि यह इलाका औद्योगिक हब बने. इसके लिए मुख्यमंत्री से मिलकर पहल करें. संथाल परगना को औद्योगिक रूप से संपन्न बनना होगा : आदित्य मल्होत्रा प्रदेश महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि उद्योग के मामले में संथाल परगना काफी पिछला है. पूरे राज्य को औद्योगिक रूप से संपन्न बनना है, तो सबसे पहले संथाल परगना को औद्योगिक रूप से संपन्न बनना होगा. उन्होंने कहा कि पूरे संथाल परगना खनिज की प्रचुरता है. पर्यटन की असीम संभावनाएं है. भारी मात्रा में अनाज का उत्पादन होता है. ऐसे में इलाके में खनिज आधारित उद्योग के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन से संबंधित उद्योग धंधे भी स्थापित किया जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि संथाल पटना से बड़ी संख्या में रोजगार के लिए मजदूरों का पलायन दूर दराज के प्रदेशों में होता है. ऐसे में महाधिवेशन के माध्यम से और इसके बाद वे लोग संथाल परगना की स्थिति का आकलन सरकार के समक्ष रखेंगे. उन्होंने महाअधिवेशन के आयोजन के लिए संथाल परगना के साथ साहिबगंज के चैंबर के पदाधिकारी और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abdhesh singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >