एक माह में दो बाइक चोरी, स्टेशन परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल

पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है.

साहिबगंज

मालदा रेल मंडल अंतर्गत रेलवे स्टेशन परिसर यात्रियों की भीड़-भाड़ और चहल-पहल वाला इलाका है. बीते एक माह में यहां से दो मोटरसाइकिलों की चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. खास बात यह है कि अब तक पुलिस एक भी मोटरसाइकिल बरामद करने में सफल नहीं हो सकी है, जबकि स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं. जीआरपी द्वारा उसकी जांच की जा चुकी है. सूत्र बताते हैं कि चोरी की घटना के पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हैं. घटना के दिन स्टेशन के पास एक टेंपो खड़ा था, जिसमें से तीन युवक उतरे और देखते ही देखते मोटरसाइकिल चोरी कर फरार हो गये. सीसीटीवी फुटेज में उनकी गतिविधियां दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है. इससे यात्रियों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है.

चोरी के पीछे अवैध कारोबार का खेल

जांच और पिछले मामलों से स्पष्ट होता है कि चोरी की गयी मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल केवल सफर तक सीमित नहीं है. इन वाहनों को या तो पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश भेज दिया जाता है या फिर बिहार-झारखंड की सीमा पर अवैध कारोबार में लगाया जाता है. खासतौर पर इन मोटरसाइकिलों से अवैध शराब की ढुलाई की जाती है. शराब कारोबारी चोरी के वाहन का इस्तेमाल इसलिए करते हैं. ताकि पकड़े जाने पर दोहरा फायदा हो. एक तरफ शराब जब्त होने पर भी सीधा वित्तीय नुकसान सीमित रहे. दूसरी ओर वाहन के मालिक का पता लगाने में पुलिस की जांच उलझ जाये. कुछ महीने पहले साहिबगंज पुलिस ने दो ऐसी मोटरसाइकिलें बरामद की थीं, जिनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर अवैध शराब परिवहन में किया जा रहा था. इन मामलों ने साफ कर दिया है कि बाइक चोरी और शराब कारोबार की कड़ी गहराई से जुड़ी हुई है. जब तक चोरी की गाड़ियों के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाना मुश्किल है.

यात्रियों और शहरवासियों में बढ़ती चिंता

रेलवे स्टेशन केवल यात्रियों की आवाजाही का स्थान नहीं है, बल्कि यहां रोजाना हजारों लोग अपने परिजनों को छोड़ने और लेने भी आते हैं. ऐसे में यदि चोरी की घटनाएं बढ़ती रहीं, तो लोग अपनी गाड़ियां पार्किंग में खड़ी करने से भी हिचकिचाएंगे. वर्तमान परिस्थिति में सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल लाजिमी हैं. यात्रियों का कहना है कि यदि पुलिस और जीआरपी समय रहते ठोस कदम नहीं उठाती, तो आने वाले दिनों में चोरी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं.

बेहतर पुलिसिंग और ठोस रणनीति की मांग

इन घटनाओं से साफ है कि साहिबगंज स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सख्त जरूरत है. पुलिसिंग को और सक्रिय बनाना होगा. नियमित गश्त, पार्किंग स्थल पर निगरानी और सीसीटीवी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से अपराधियों के हौसले पस्त किए जा सकते हैं. चोरी के वाहनों के अवैध कारोबार में लगाम लगाने के लिए अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय बेहद जरूरी है. अवैध शराब कारोबार पर चोट करने से न केवल राजस्व की हानि रोकी जा सकती है, बल्कि चोरी की घटनाओं पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है. यही कारण है कि पुलिस, आबकारी विभाग और रेलवे प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाकर अपराधियों की पूरी कड़ी को तोड़ना होगा. तभी स्टेशन परिसर में चोरी की घटनाओं पर रोक लग सकेगी और यात्री सुरक्षित माहौल महसूस कर सकेंगे.

क्या कहते हैं थाना प्रभारी

स्टेशन परिसर में हुई मोटरसाइकिल चोरी के मामले में जीआरपी की टीम जांच कर रही है. गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी भी जारी है. बहुत जल्द चोरों को पकड़ लिया जायेगा, इसके लिए प्लान तैयार कर लिया गया है. वहीं, स्टेशन परिसर में टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर पार्किंग स्टैंड मौजूद है. लोगों से आग्रह है कि अपना वाहन पार्किंग स्टैंड में लगायें. ताकि सुरक्षित रहे. चोरी होती है तो उसकी जिम्मेदारी पार्किंग स्टैंड संचालक की होगी.

धनंजय कुमार, थाना प्रभारी, जीआरपी

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By ABDHESH SINGH

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