स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में बनेगी पोषण वाटिका, उपजायी जायेंगी हरी सब्जियां

1,688 आंगनबाड़ी केंद्रों और 1,285 स्कूलों को पोषण वाटिका से जोड़ने का है लक्ष्य

बरहेट जिले में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता तथा महिला बाल विकास विभाग की सहमति से मनरेगा योजना के तहत पोषण वाटिका तैयार की जायेगी. इस योजना को लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है. स्कूलों व आंगनबाडी केन्द्रों में तैयार पोषण वाटिकाओं में फल, सब्जियां आदि उगायी जायेगी. जिले के सभी एक से आठ प्राइमरी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका का निर्माण किया जायेगा. इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषण वाटिका से हरी सब्जियां उपलब्ध कराना है. इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को ताजे फल एवं हरी सब्जियां उपलब्ध कराना है, जिससे उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हो सके. इसके अलावे स्कूली बच्चों को कुपोषण से मुक्ति मिले. इस योजना के तहत 1,688 आंगनबाड़ी केंद्रों और 1,285 स्कूलों को पोषण वाटिका से जोड़ा जायेगा. हालांकि, यह योजना जिस स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के पास जगह है, वहां लागू होगी. पोषण वाटिका से मिलने वाले ताजे फल और हरी सब्जियां गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर सकारात्मक प्रभाव लायेगी. यह पहल खासकर कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा. वहीं, फल और सब्जियों के सेवन से एक ओर जहां बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी तो दूसरी ओर गर्भवती महिलाओं को आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे, जिससे शिशु का भी सही विकास होगा. क्या कहते हैं अधिकारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय दास ने बताया कि इस योजना को सफल बनाने के लिए महिला व बाल विकास विभाग, मनरेगा और स्कूली विभाग के बीच तालमेल बनाकर काम किया जायेगा. इसके तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण वाटिका विकसित की जायेगी, जिसमें पोषणयुक्त फल और सब्जियां उपजाई जायेंगी. इस वित्तीय वर्ष प्रखंडवार लक्ष्य प्रखंड पोषण वाटिका का लक्ष्य बरहेट 30 बरहरवा 30 बोरियो 30 मंडरो 24 पतना 30 राजमहल 30 साहिबगंज 16 तालझारी 30 उधवा 30 कुल 250 नागराज साह, बरहेट जिले में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता तथा महिला बाल विकास विभाग की सहमति से मनरेगा योजना के तहत पोषण वाटिका तैयार की जायेगी. इस योजना को लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है. स्कूलों व आंगनबाडी केन्द्रों में तैयार पोषण वाटिकाओं में फल, सब्जियां आदि उगायी जायेगी. जिले के सभी एक से आठ प्राइमरी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका का निर्माण किया जायेगा. इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषण वाटिका से हरी सब्जियां उपलब्ध कराना है. इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को ताजे फल एवं हरी सब्जियां उपलब्ध कराना है, जिससे उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हो सके. इसके अलावे स्कूली बच्चों को कुपोषण से मुक्ति मिले. इस योजना के तहत 1,688 आंगनबाड़ी केंद्रों और 1,285 स्कूलों को पोषण वाटिका से जोड़ा जायेगा. हालांकि, यह योजना जिस स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के पास जगह है, वहां लागू होगी. पोषण वाटिका से मिलने वाले ताजे फल और हरी सब्जियां गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर सकारात्मक प्रभाव लायेगी. यह पहल खासकर कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा. वहीं, फल और सब्जियों के सेवन से एक ओर जहां बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी तो दूसरी ओर गर्भवती महिलाओं को आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे, जिससे शिशु का भी सही विकास होगा. क्या कहते हैं अधिकारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय दास ने बताया कि इस योजना को सफल बनाने के लिए महिला व बाल विकास विभाग, मनरेगा और स्कूली विभाग के बीच तालमेल बनाकर काम किया जायेगा. इसके तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण वाटिका विकसित की जायेगी, जिसमें पोषणयुक्त फल और सब्जियां उपजाई जायेंगी. इस वित्तीय वर्ष प्रखंडवार लक्ष्य प्रखंड पोषण वाटिका का लक्ष्य बरहेट 30 बरहरवा 30 बोरियो 30 मंडरो 24 पतना 30 राजमहल 30 साहिबगंज 16 तालझारी 30 उधवा 30 कुल 250

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By Abdhesh singh

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