बरहेट. सीएस डॉ रामदेव पासवान के निर्देश पर बीते शनिवार की रात्रि 24 सदस्यीय दो मेडिकल टीम ने प्रखंड के हिरणपुर पंचायत अंतर्गत कैरोगोड़ा गांव पहुंचकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की. विदित हो कि सितंबर माह में अलग-अलग तिथियों में डायरिया व ब्रेन मलेरिया की आशंका से कैरोगोड़ा गांव में चार लोगों की मौत हो गयी. जिसमें एक बच्ची भी शामिल थी. साथ ही यहां दर्जनभर से अधिक लोग भिन्न लक्षणों से ग्रसित थे. जिसकी सूचना मिलने के बाद पहुंची टीम ने पहाड़िया एवं संथाली टोले में सहिया की मदद से दो घंटे में उल्टी, दस्त, सर्दी व खांसी के लक्षण वाले 40 लोगों की जांच की. साथ ही उन्हें आवश्यक दवाईयां एवं ग्लूकोस दिया. इसकी पूरी मॉनिटरिंग सिविल सर्जन रामदेव पासवान कर रहे थे. उन्होंने गांव पहुंचकर भी मरीजों की स्थिति का जायजा लिया. गांव में बिजली बाधित रहने के कारण टीम को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा. टॉर्च की रोशनी में महिला, पुरूष सहित बच्चों की जांच हुई. इस दौरान गांव की सुशांति मुर्मू (2) व बड़का किस्कू (1) मलेरिया जबकि मोहन किस्कू (8) व बुधनी पहाड़िन (25) पीलिया की बीमारी से ग्रसित पाये गये. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान ने लोगों से अपील की कि खेतों की छोटी-छोटी मछली खाने से परहेज करें, बासी भोजन न करें, पानी को उबालकर पीये तथा डॉक्टर द्वारा दिये गये दवाओं का ससमय सेवन करें. सीएस ने प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को क्षेत्र में सूचना तंत्र को मजबूत बनाने का निर्देश भी दिया. ताकि, लोगों का ससमय इलाज हो सके.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
