प्रतिनिधि, राजमहल: स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रही अफवाहों और भ्रम के बीच बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से सही और प्रमाणिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है. विद्युत अवर प्रमंडल राजमहल के कनीय विद्युत अभियंता चंदन कुमार ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलायी जा रही गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें और अधिकृत माध्यमों से ही जानकारी प्राप्त करें.
उन्होंने बताया कि सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि स्मार्ट मीटर लगाया जाना प्रक्रिया का हिस्सा है. हालांकि उपभोक्ताओं के पास प्रीपेड या पोस्टपेड मोड चुनने का अधिकार रहेगा.
स्मार्ट मीटर से बिलिंग होगी ज्यादा सटीक
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के अनुसार स्मार्ट मीटर वैज्ञानिक और पारदर्शी उपकरण हैं. इसका प्रमुख फायदा बिजली की खपत की सटीक जानकारी और पारदर्शी बिलिंग है.
स्मार्ट मीटर में बिजली की रीडिंग स्वचालित रूप से दर्ज होती है. इससे मैनुअल रीडिंग और डाटा एंट्री के दौरान होने वाली मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हो जाती है. उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर भी बेहतर तरीके से नजर रख सकेंगे.
टाइम ऑफ डे टैरिफ का भी मिल सकता है लाभ
विभाग के अनुसार भविष्य में स्मार्ट मीटर के माध्यम से टाइम ऑफ डे टैरिफ का लाभ भी लिया जा सकता है. इसके तहत बिजली की दर अलग-अलग समय के हिसाब से निर्धारित हो सकती है.
ऐसी व्यवस्था में उपभोक्ता अधिक दर वाले समय में बिजली की खपत कम और कम दर वाले समय में अधिक करके अपने बिजली बिल को नियंत्रित कर सकते हैं.
पुराने मीटर की मैनुअल रीडिंग से अलग व्यवस्था
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के अनुसार डिजिटल या एनालॉग मीटर की रीडिंग आमतौर पर मैनुअल तरीके से ली और दर्ज की जाती है. इस दौरान रीडिंग लिखने या डाटा दर्ज करने में मानवीय त्रुटि की संभावना बनी रहती है.
इसके विपरीत स्मार्ट मीटर में रीडिंग स्वचालित रूप से दर्ज होती है. इससे मैनुअल प्रविष्टि से जुड़ी गलतियों की संभावना कम हो जाती है. विभाग के अनुसार जांच में स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली में किसी तरह की विसंगति नहीं पायी गयी है.
200 यूनिट तक मुफ्त बिजली पर नहीं पड़ेगा असर
कनीय विद्युत अभियंता चंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगने से घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली सब्सिडी पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
200 यूनिट तक मिलने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से बिजली के बिल में अपने आप कोई बढ़ोतरी नहीं होगी.
सोशल मीडिया पर फैलाये जा रहे भ्रम पर विभाग ने दी सफाई
कनीय विद्युत अभियंता ने कहा कि स्मार्ट मीटर केवल बिजली की खपत मापने का उपकरण है, जैसे पुराने सामान्य मीटर होते थे. इसका बिजली की दर यानी टैरिफ या बिलिंग नीति से सीधा संबंध नहीं है.
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम सही जानकारी के अभाव में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने का परिणाम है.
बिजली इस्तेमाल नहीं की तो औसत बिल की समस्या नहीं
विभाग के अनुसार पुराने मीटरों में कई बार मासिक आधार पर औसत रीडिंग के आधार पर बिल जारी हो जाते थे. ऐसे में वास्तविक खपत और बिल की राशि को लेकर उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती थी.
स्मार्ट मीटर में वास्तविक बिजली खपत के आधार पर बिलिंग की व्यवस्था होगी. यदि उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल नहीं करता है, तो उसे नियमित रूप से औसत खपत के आधार पर बिल मिलने की संभावना नहीं रहेगी.
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि स्मार्ट मीटर को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और सही जानकारी के लिए अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल करें.
