साहिबगंज से विकास जायसवाल की रिपोर्ट
Sahibganj News: झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट में वीर शहीद सिदो-कान्हू जयंती पर शनिवार को अलग-अलग राज्य के आदिवासी विदिन समाज के लोग का जनसैलाब उमड़ा. जयंती समारोह में शुक्रवार की देर रात पूजा पाठ शुरू हुआ जो शनिवार दिन भर चला.
इन राज्यों के लोग हुए शामिल
समारोह में झारखंड बंगाल, असम, राज्य के आदिवासी विदिन धर्म मानने वाले हजारों कि संख्या में लोग बरहेट के आरगोरी स्थित जाहेरथान मैदान में शामिल हुए. इस दौरान पूरा क्षेत्र सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो अमर रहे नारे से गूंज उठा.
पदयात्रा निकालकर क्रांति स्थल पहुंचे श्रद्धालु
अरगोरी जाहेर थान से अपने धर्मगुरु के साथ पदयात्रा निकालकर बाबूपुर स्थित क्रांति स्थल (बरगद का पेड़ जहां पर सिदो-कान्हू को फांसी दी गई थी ) पहुंचा. यहां बरहेट बोरियो मुख्य सड़क पर लंबी कतार लगी. सभी आदिवासी महिला और पुरुष पारंपरिक तीर धनुष हथियार के साथ लैस रहे.
परिक्रमा और पूजा-अर्चना
बरगद पेड़ के चारों ओर सिदो-कान्हू भक्तों ने परिक्रमा किया. फिर अरगोरी जाहेर थान पहुंचे. सिदो-कान्हू छठीयार महासभा की ओर से जाहेर थान, माझिथान के अलावा सिदो-कान्हू की जन्मस्थली भोगनाडीह में सिदो-कान्हू की मिट्टी की प्रतिमा बनाई गई है, जहां रात भर पूजा अर्चना के साथ जागरण कार्यक्रम हुआ. वहीं मरांग बुरु की आराधना कर आशीर्वाद लिया.
पुलिस भी मौके पर रही मौजूद
शनिवार सुबह से ही अलग-अलग राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा भी सिदो-कान्हू क्रांति स्थल, बरहेट के भोगनाडीह पार्क मे पहुंचकर माल्यार्पण किया गया. विधि व्यवस्था को लेकर साहेबगंज पुलिस भी मौके पर तैनात रही.
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