साहिबगंज से इमरान की रिपोर्ट
साहिबगंज : चोरी, डकैती, लूट, मारपीट और ठगी जैसे पारंपरिक अपराधों के बाद डिजिटल दौर में मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराध पुलिस के सामने नई चुनौती बन गए हैं. इसी चुनौती से निपटने के लिए साहिबगंज पुलिस ने जिला मुख्यालय में साइबर सेल का गठन किया है. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देशन में सेल का विधिवत उद्घाटन शनिवार को एसपी अमित कुमार सिंह करेंगे. इसके कामकाज की मॉनिटरिंग मुख्यालय डीएसपी रविकांत साव करेंगे.
डिजिटल साक्ष्य बनेंगे जांच की महत्वपूर्ण कड़ी
साइबर अपराध में अपराधी डिजिटल माध्यम के पीछे छिपा होता है. ऐसे मामलों में मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, सोशल मीडिया अकाउंट, आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी साक्ष्य महत्वपूर्ण कड़ी बनते हैं. नए साइबर सेल के माध्यम से मामलों को एक जगह केंद्रित कर समीक्षा और अनुसंधान में तेजी लाने की तैयारी है.
आईटी एक्ट से जुड़े 118 मामले लंबित
जिले में आईटी एक्ट से जुड़े 118 मामले लंबित बताए जा रहे हैं. सेल इन मामलों की समीक्षा कर अनुसंधान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. आवश्यकता के अनुसार तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों से सहयोग लिया जाएगा.
साइबर अपराध पर रोक लगाने पर जोर
पुलिस का उद्देश्य केवल घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचना और साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगाना है. साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से जुड़े मामलों में अलग तकनीकी टीम के स्तर पर निगरानी और अनुसंधान किया जाएगा. इससे मामलों के उद्भेदन और आरोपियों तक पहुंचने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.
‘लंबित मामलों के अनुसंधान में तेजी लाई जाएगी’
एसपी अमित कुमार सिंह ने कहा, “साइबर अपराध वर्तमान समय में पुलिस के सामने एक नई चुनौती है. ऐसे मामलों के त्वरित अनुसंधान और निष्पादन के लिए साइबर सेल का गठन किया गया है. तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए लंबित मामलों के अनुसंधान में तेजी लाई जाएगी. साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए हर संभव तकनीकी माध्यम का इस्तेमाल किया जाएगा.”
