इमरान, साहिबगंज: गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के साथ सदर प्रखंड के दियारा क्षेत्र में बाढ़ का कहर और तेज हो गया है. बाढ़ का पानी अब लोगों के घरों में घुसने के साथ कई आशियानों को अपनी चपेट में ले रहा है. हालात बिगड़ने के बाद प्रभावित परिवार अब घर तोड़कर सामान समेटने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं.
कारगिल दियारा क्षेत्र के कई परिवार नाव के सहारे अपने घरों का सामान लेकर लालबथानी गांव की ओर जा रहे हैं. वहीं कुछ परिवार नाव से साहिबगंज के शहरी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं. बाढ़ के कारण लोगों के सामने घर बचाने के साथ परिवार और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है.
जहां मिली ऊंची जमीन, वहीं बनाने लगे आशियाना
बाढ़ प्रभावित परिवारों का कहना है कि अब उनका सबसे बड़ा सवाल घर बचाने से ज्यादा परिवार को सुरक्षित रखने का है. जिस स्थान पर थोड़ी भी ऊंची जमीन मिल रही है, लोग वहीं अस्थायी आशियाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं.
कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर नाव के जरिये सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं. बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ लोगों को डर है कि कहीं उनके घर पूरी तरह पानी में न समा जाएं.
खतरे के निशान से 1.37 मीटर ऊपर गंगा
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार साहिबगंज में गंगा का जलस्तर 28.62 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 27.25 मीटर है.
यानी साहिबगंज में गंगा खतरे के निशान से 1.37 मीटर ऊपर बह रही है. साहिबगंज में गंगा का अब तक का उच्चतम दर्ज जलस्तर 30.91 मीटर रहा है.
जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से दियारा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है.
प्रशासन ने की ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की ओर से दियारा क्षेत्र के लोगों से लगातार सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है.
अंचल कार्यालय की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन उपलब्ध कराया जा रहा है. विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी आशियाना बनाने को त्रिपाल भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि लोगों को खुले आसमान के नीचे रहने की मजबूरी न हो.
समय रहते सुरक्षित जगह जाने की सलाह
प्रशासन का कहना है कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में लोग किसी तरह का जोखिम न लें और समय रहते अपने परिवार तथा जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिस तरह लोग अपने घरों से सामान निकालकर नाव के सहारे पलायन कर रहे हैं, उससे दियारा क्षेत्र में बिगड़ते हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है. अब प्रभावित परिवारों को राहत के साथ सुरक्षित ठिकाने की सबसे ज्यादा जरूरत है.
