प्रखंड कार्यालय परिसर में पिछले करीब चार महीने से बड़ी संख्या में बच्चों की साइकिल प्रखंड कार्यालय का शोभा बढ़ा रही है. समय पर वितरण नहीं होने और उचित रखरखाव के अभाव में अब साइकिलें धीरे-धीरे खराब होने की कगार पर हैं. कई साइकिलों में जंग लग चुकी है, जबकि सीट और टायर भी क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पहुंच गए हैं. लगातार धूप और बारिश के कारण बच्चों की महत्वाकांक्षी साइकिल वितरण योजना के तहत प्राप्त साइकिल यूं ही पड़ी हुई है. जानकारी के अनुसार, ये साइकिल सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत लाभुक बच्चों के बीच वितरण के लिए लायी गयी थीं, लेकिन अब तक वितरण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है. प्रखंड कार्यालय परिसर में साइकिलों का ढेर लगा हुआ है, जिसे लेकर लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है. लाभुक बच्चे और उनके अभिभावक लंबे समय से साइकिल मिलने का इंतजार कर रहे हैं. स्थानीय लोगों ने विभागीय उदासीनता पर सवाल उठाते हुए जल्द वितरण कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय पर साइकिलों का वितरण कर दिया जाता, तो बच्चों को स्कूल आने-जाने में सुविधा होती. लेकिन विभागीय सुस्ती के कारण योजना का लाभ लाभुकों तक नहीं पहुंच पा रहा है. वहीं खुले में पड़े रहने से साइकिलों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ने लगा है. इस संबंध में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कैलाश कुमार ने बताया कि ठेकेदार बदलने के कारण साइकिलों का हैंडओवर नहीं हो पाया था, जिस कारण वितरण प्रक्रिया लंबित रही. अब नया ठेकेदार आ चुका है और आने वाले कुछ दिनों में लाभुकों के बीच साइकिलों का वितरण कर दिया जाएगा.